Petrol Diesel Prices Impact : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आने वाले दिनों में फलों और सब्जियों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका कारण पेट्रोल और डीजल की हालिया कीमतों में हुई बढ़ोतरी (Fuel Price Hike) बताई जा रही है। दिल्ली की आजादपुर मंडी के व्यापारियों का कहना है कि अभी तुरंत असर नहीं दिख रहा है, लेकिन अगर ईंधन के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने सोमवार को पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। यह पिछले दो हफ्तों में चौथी बार कीमतों में की गई बढ़ोतरी है, जिससे बाजार में चिंता बढ़ गई है।
अभी थोक बाजार पर नहीं दिखा असर
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक आजादपुर मंडी फेडरेशन ऑफ फ्रूट एंड वेजिटेबल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि फिलहाल थोक बाजार में फलों और सब्जियों की कीमतों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। उनके अनुसार, एक-दो बार की मामूली बढ़ोतरी से तुरंत दाम नहीं बदलते, लेकिन अगर ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो स्थिति बदल सकती है। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना मुश्किल है कि कीमतें कितनी बढ़ेंगी, क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ट्रांसपोर्टर माल ढुलाई के लिए कितना किराया बढ़ाते हैं। अगर ट्रक किराया बढ़ता है तो उसका असर धीरे-धीरे बाजार में दिखाई देगा।
परिवहन लागत बढ़ने से बढ़ेंगे दाम
वेजिटेबल ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव अनिल मल्होत्रा ने बताया कि फलों और सब्जियों को देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली लाने के लिए ज्यादातर ट्रकों का इस्तेमाल होता है। ये ट्रक डीजल पर चलते हैं, इसलिए डीजल की कीमत बढ़ने से सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही डीजल महंगा होता है, ट्रक चलाने की लागत बढ़ जाती है और ट्रांसपोर्टर अपने किराए में बढ़ोतरी कर देते हैं। इसका असर आगे चलकर आजादपुर मंडी तक पहुंचता है और फिर खुदरा बाजार में दाम बढ़ जाते हैं।
ट्रांसपोर्ट किराए पर निर्भर करेगा असर
व्यापारियों का मानना है कि कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ट्रांसपोर्ट कंपनियां और लोडर ट्रकों का किराया कितना बढ़ाते हैं। अगर किराया ज्यादा बढ़ता है तो सब्जियों और फलों की कीमतों में भी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। राजेंद्र शर्मा ने कहा कि फिलहाल स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट अनुमान नहीं लगाया जा सकता, लेकिन अगर ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रहती है तो आने वाले दिनों में इसका असर जरूर दिखेगा।
खुदरा बाजार में देर से दिखता है असर
आजादपुर मंडी में टमाटर के एक विक्रेता दिलीप कुमार ने बताया कि ईंधन की कीमतों का असर तुरंत खुदरा बाजार में नहीं दिखता। पहले यह असर ट्रांसपोर्ट खर्च में आता है, उसके बाद धीरे-धीरे मंडी और फिर दुकानों तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि अगर डीजल के दाम लगातार बढ़ते रहे तो ट्रांसपोर्टर माल ढुलाई का शुल्क बढ़ा देंगे, जिससे मंडी में आने वाली सब्जियों और फलों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है बोझ
मंडी के व्यापारियों ने यह भी कहा कि परिवहन लागत में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का बोझ अंततः उपभोक्ताओं को ही उठाना पड़ता है। जब ट्रांसपोर्ट महंगा होता है तो उसका असर थोक बाजार से होते हुए खुदरा बाजार तक पहुंच जाता है। व्यापारियों का मानना है कि अगर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली में सब्जियों और फलों की कीमतों में हल्की से मध्यम बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसका असर सीधे तौर पर आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ेगा।
