कई बार जिंदगी में ऐसी सिचुएशनआ जाती है जब अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है। ऐसे समय में लोग तुरंत कैश पाने के लिए पर्सनल लोन लेने का फैसला करते हैं। पर्सनल लोन लेना आसान तो होता है, लेकिन इसकी ब्याज दरें काफी ज्यादा होती हैं। इसलिए लोग आमतौर पर अलग-अलग बैंकों और NBFCs की ब्याज दरों की तुलना करके ही लोन चुनते हैं। लेकिन सिर्फ ब्याज दर देख लेना काफी नहीं होता। पर्सनल लोन पर कई तरह के हिडेन चार्ज भी लगते हैं, जिनकी जानकारी न होने पर आपके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ जाता है। इसलिए पर्सनल लोन लेने से पहले इन बातों को जरूर समझ लें।
सबसे पहले बात करते हैं प्रोसेसिंग फीस की। बहुत से लोग लोन लेते समय यह जानना भूल जाते हैं कि बैंक या NBFC लोन अप्रूव होने के बाद कितनी प्रोसेसिंग फीस काटेगी। यह फीस आपकी लोन राशि से सीधे काट ली जाती है, यानी जितने का लोन लेते हैं, उससे कम पैसा आपके खाते में आता है। कई बार यह फीस काफी ज्यादा होती है, जिससे असली जरूरत के लिए मिलने वाली रकम कम पड़ सकती है। इसलिए लोन लेने से पहले प्रोसेसिंग फीस कितनी है, यह साफ-साफ पूछ लेना जरूरी है।
दूसरी महत्वपूर्ण बात है प्री-पेमेंट चार्ज। अगर आप लोन अवधि खत्म होने से पहले पूरा लोन चुका देते हैं, तो क्या बैंक आपसे कोई अतिरिक्त फीस लेगा? कई बैंक समय से पहले लोन चुकाने पर भारी प्री-पेमेंट चार्ज लगाते हैं। इसलिए लोन लेने से पहले यह जरूर पूछ लें कि प्री-पेमेंट पर कोई शुल्क लगेगा या नहीं। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, तो आप बैंक से प्री-पेमेंट चार्ज कम करवाने या पूरी तरह हटाने की बात भी कर सकते हैं।
पर्सनल लोन लेते समय लोन से जुड़ी सभी शर्तें और नियम ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है। कई बार दस्तावेजों में लिखी बातें जटिल होती हैं और समझ में नहीं आतीं, लेकिन साइन करने से पहले इन्हें जरूर पढ़ें और यदि कोई चीज स्पष्ट न लगे तो बैंक से पूछें। इससे भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी या पछतावा नहीं होगा।