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इन वजहों से रिजेक्‍ट हो सकता है पर्सनल लोन का आवेदन, ये जरूरी बातें दिलाएंगी राहत

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Nov 10, 2023, 07:27 PM IST

Personal Loan Conditions: पर्सनल लोन इमरजेंसी में बड़े काम का साबित हो सकता है। आप बैंकों से आसानी से लोन ले सकते हैं। ज्‍यादातर बैंकों में इसे चुकाने की अधिकतम अवधि 5 साल की होती है।

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पर्सनल लोन लेने का मन बना रहे हैं इन बातों का जरूर ध्यान रखें

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Personal Loan Conditions: पर्सनल लोन इमरजेंसी में बड़े काम का साबित हो सकता है। आप बैंकों से आसानी से लोन ले सकते हैं। ज्‍यादातर बैंकों में इसे चुकाने की अधिकतम अवधि 5 साल की होती है। लेकिन कुछ ऐसी वजहें हैं जिनके कारण आपकी लोन रिक्‍वेस्‍ट रिजेक्‍ट भी हो सकती है। अगर आप भी किसी वजह से पर्सनल लोन लेने का मन बना रहे हैं इन बातों का जरूर ध्यान रखें।

सबसे पहला पॉइंट है क्रेडिट स्‍कोर

अगर आपका क्रेडिट स्‍कोर अच्‍छा नहीं है, तो पर्सनल लोन का आवेदन रिजेक्‍ट भी किया जा सकता है। इस स्थिति में अगर आपको लोन मिलता भी है, तो वो बहुत ज्‍यादा ब्‍याज दर के साथ मिलेगा। क्रेडिट स्‍कोर जितना अच्‍छा होगा, लोन उतनी आसानी से और बेहतर ब्‍याज दरों पर मिल जाएगा। 750 या इससे ज्‍यादा के क्रेडिट स्‍कोर को अच्‍छा माना जाता है।

बार-बार नौकरी बदलना

पर्सनल लोन देते समय बैंक ये भी देखते हैं कि आपकी जॉब स्‍टेबिलिटी का रिकॉर्ड क्‍या है। अगर आप बार-बार नौकरी बदल रहे हैं तो ये अस्थिरता की निशानी है। इसके अलावा अगर आप काफी समय से बेरोजगार हैं, तो भी बैंक लोन देने में हिचकिचाते हैं। इन मामलों में लोन देना बैंक को जोखिमभरा लगता है। वहीं दूसरी तरफ अगर आपको किसी कंपनी में 1 या 2 साल से ज्यादा हो गया है, तो आपके लोन अप्रूव बहुत जल्दी से होता है।

डीटीआई रेश्‍यो

डीटीआई रेश्‍यो यानी डेट टू इनकम रेश्‍यो देखा जाता है। इसके लिए आपके पहले से अगर कोई लोन चल रहे हैं तो उन्‍हें जोड़कर उनके योग को आपकी सैलरी से डिवाइड किया जाता है। डीटीआई रेश्‍यो जितना कम होगा, आपको लोन मिलने में उतनी आसानी होगी। आमतौर पर 36% से कम रेश्‍यो को अच्‍छा माना जाता है।

एक समय में कई जगह लोन अप्‍लाई करना

जब भी आप किसी बैंक में लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो क्रेडिट ब्यूरो से बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट मांगते हैं, इसे हार्ड इन्क्वायरी कहा जाता है। जब भी हार्ड इन्‍क्‍वायरी होती है तो क्रेडिट स्‍कोर थोड़ा नीचे आ जाता है। आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में हर बार की गई हार्ड इन्‍क्‍वायरी की डीटेल्‍स भी होती है। इसका आपके प्रोफाइल पर गलत असर पड़ सकता है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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