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पासपोर्ट वेरिफिकेशन का झंझट खत्म! अब घर बैठे DigiLocker में मिलेगा रिकॉर्ड

DigiLocker में एक नया फीचर जोड़ा गया है, जिसकी मदद से अब यूजर्स अपना पासपोर्ट वेरिफिकेशन रिकॉर्ड (PVR) घर बैठे ही देख और डाउनलोड कर सकते हैं। अब पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए किसी सरकारी केंद्र जाने की जरूरत नहीं है। स्मार्टफोन या लैपटॉप से ही पूरा रिकॉर्ड आसानी से एक्सेस किया जा सकता है, जिससे पासपोर्ट जारी करने और रिन्यूअल की प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और सुविधाजनक हो गई है।

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Passport Verification

सरकार की डिजिटल सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है और इसी कड़ी में DigiLocker में एक और बड़ा फीचर जोड़ दिया गया है। अब आप अपने पासपोर्ट को घर बैठे ही वेरिफाई कर सकते हैं। पहले पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों या पुलिस वेरिफिकेशन सेंटर पर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया काफी आसान और डिजिटल हो चुकी है। स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर कुछ ही क्लिक में आप अपने पासपोर्ट वेरिफिकेशन रिकॉर्ड (PVR) को DigiLocker में देख और डाउनलोड कर सकते हैं। ऐसे में अगर आपने पासपोर्ट बनवाने या अपडेट कराने का प्लान बनाया है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है।

सरकार ने शुरू किया नया फीचर

यह नया फीचर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), विदेश मंत्रालय (MEA) और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के सहयोग से शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य पासपोर्ट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और पेपरलेस बनाना है। इसके बाद नागरिकों को वेरिफिकेशन रिकॉर्ड की फिजिकल कॉपी रखने या बार-बार अटेस्टेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

DigiLocker पहले से ही आधार कार्ड, PAN कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन RC, इंश्योरेंस पेपर, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य कई सरकारी दस्तावेज डिजिटल रूप में उपलब्ध कराता है। ऐसे में पासपोर्ट वेरिफिकेशन रिकॉर्ड के जुड़ने से DigiLocker एक “यूनिफाइड डिजिटल डॉक्यूमेंट वॉलेट” बन गया है, जिसमें लगभग हर जरूरी सरकारी दस्तावेज सुरक्षित रखे जा सकते हैं। यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए बेहद मददगार है, जिन्हें नौकरी, वीज़ा, विदेश यात्रा, एडमिशन या किसी सरकारी प्रक्रिया के दौरान वेरिफिकेशन रिकॉर्ड की तुरंत जरूरत पड़ती है।

DigiLocker से कैसे होगा वेरिफिकेशन

इस नए फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि DigiLocker में उपलब्ध पासपोर्ट वेरिफिकेशन रिकॉर्ड पूरी तरह से डिजिटल और टैम्पर-प्रूफ होता है। इसका मतलब है कि इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता, इसलिए इसे किसी भी सरकारी संस्थान या अधिकारी के साथ बेझिझक शेयर किया जा सकता है। कई मामलों में उम्मीदवारों से PVR की मांग की जाती है, ताकि व्यक्ति की पहचान और पृष्ठभूमि की पुष्टि की जा सके। अब यूजर्स बिना किसी झंझट के यह रिकॉर्ड सीधे DigiLocker से दिखा सकते हैं।

आपको कैसे होगा फायदा?

यूजर्स DigiLocker के मोबाइल ऐप और वेब दोनों वर्जन में PVR को एक्सेस कर सकते हैं। जैसे ही पासपोर्ट वेरिफिकेशन पूरा होता है, रिकॉर्ड सीधे DigiLocker में जारी कर दिया जाता है। इस डॉक्यूमेंट के लिए न तो आपको कहीं जाना पड़ता है और न ही फिजिकल कॉपी संभालकर रखने की जरूरत पड़ती है। इससे पासपोर्ट जारी करने और रिन्यूअल प्रोसेस भी काफी तेजी से पूरा हो जाता है, क्योंकि वेरिफिकेशन की एक मुख्य स्टेप डिजिटल में बदल चुकी है।

सरकार का कहना है कि यह नया फीचर पेपरलेस गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे सरकारी प्रक्रियाओं में समय और संसाधन दोनों की बचत होगी। नागरिकों को भी सुविधा मिलेगी कि वे किसी भी समय, कहीं से भी अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक पहुंच सकें। इसके अलावा, इससे फर्जी दस्तावेजों की समस्या कम होगी और दस्तावेजों का प्रबंधन आसान बनेगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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