गुरुवार को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते ट्रेडिंग को एक घंटे के लिए रोक दिया गया। बेंचमार्क इंडेक्स में 7.2% की गिरावट आई। ईटी रिपोर्ट्स के मुताबिक, कराची और लाहौर जैसे प्रमुख शहरों में कई ड्रोन गिराए जाने की खबर के बाद बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान की शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट आई हो। पिछले महीने भी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए व्यापार शुल्क की घोषणा के बाद बाजार 8,700 अंकों से अधिक लुढ़क गया था। उस समय भी ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से रोका गया था।
भारत में सेंसक्स में हल्की गिरावट, व्यापार और कमाई पर केंद्रित ध्यान
भारतीय बाजार की बात करें तो, सेंसक्स में लगभग 138 अंकों की हल्की गिरावट देखी गई है। यह गिरावट पाकिस्तान की तुलना में बहुत कम है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत के लिए प्रमुख फोकस अब भी व्यापार समझौते और कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर बना हुआ है।
'ऑपरेशन सिंदूर' के सफल, 100 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि
पिछले महीने कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि अब तक इस अभियान में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन अभी जारी है, इसलिए तकनीकी जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
भारत की अर्थव्यवस्था पर सीमित असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही कमजोर स्थिति में है, इसलिए बाजार पर इसका असर अधिक पड़ रहा है। वहीं भारत में यह तनाव केवल अल्पकालिक असर डालेगा। इस सप्ताह भारत ने यूके के साथ एक बड़ा व्यापार समझौता पूरा किया है, और अमेरिका के साथ भी द्विपक्षीय समझौते की बातचीत चल रही है।
डीबीएस बैंक की वरिष्ठ अर्थशास्त्री राधिका राव के अनुसार, "अल्पकालिक अस्थिरता के बावजूद भारत की मध्यम अवधि की आर्थिक संभावनाएं मजबूत बनी रहेंगी।"
