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उल्टा साबित हो सकता है ऑनलाइन गेमिंग बिल, 4 लाख नौकरियों पर संकट, GST-TDS राजस्व में नुकसान तय, बोले कार्ति पी चिदंबरम

Online Gaming Bill 2025: ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन बिल (Promotion and Regulation of Online Gaming Bill 2025) आज संसद में पेश किया जा सकता है। इस पर कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रस्तावित ऑनलाइन गेमिंग बिल इस उद्योग जगत से परामर्श के बिना पेश किया जा रहा है। यह एक जल्दबाजी में उठाया गया कदम है जो उल्टा साबित हो सकता है।

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ऑनलाइन गेमिंग बिल पर कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम ने दी प्रतिक्रिया (तस्वीर-istock)

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Online Gaming Bill 2025: केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन बिल (Promotion and Regulation of Online Gaming Bill 2025) को मंजूरी दे दी। इसमें धन से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग या इसके विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने के प्रावधान के साथ इन्हें पेश करने या विज्ञापन देने वालों के लिए कारावास या जुर्माना, या दोनों का प्रावधान किया गया है। इसमें ऐसे गेम्स को ई-स्पोर्ट्स या ऑनलाइन सोशल गेम्स से अलग किया गया है। इसे आज को संसद में पेश किये जाने की संभावना है। इस पर कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रस्तावित ऑनलाइन गेमिंग बिल, ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन बिल 2025, इस उद्योग जगत से परामर्श के बिना पेश किया जा रहा है, और यह एक जल्दबाजी में उठाया गया कदम है जो उल्टा साबित हो सकता है। इससे वित्तीय लेनदेन को विदेशों में धकेलकर और यूजर्स को डार्क वेब की ओर धकेलकर राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा होने का खतरा है।

कार्ति पी चिदंबरम ने आगे कहा कि इस बिल से 4,00,000 नौकरियां खत्म होने, ₹20,000 करोड़ का जीएसटी और टीडीएस राजस्व (2024 के आंकड़े) खत्म होने और 6 अरब डॉलर के निवेश के खत्म होने का खतरा है, साथ ही गेम डेवलपर्स और संबंधित क्षेत्रों के लिए भविष्य के फाइनेंसिंग के अवसरों को भी कम कर देगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बिल को एक प्रवर समिति को भेजना चाहिए और एक संतुलित और सूचित दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए जन सुनवाई आयोजित करनी चाहिए।

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक बिल में प्रस्ताव है कि निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन करके ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवा प्रदान करने वाले किसी भी व्यक्ति को तीन साल तक की कैद या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करके विज्ञापन देने वालों के लिए भी प्रावधानों में दो साल तक की कैद या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है। इसके अलावा, किसी भी तरह के लेन-देन में शामिल लोगों को तीन साल तक की कैद या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। ऑनलाइन मनी गेमिंग से संबंधित उल्लंघन के लिए बार-बार अपराध करने पर कठोर कारावास (3-5 साल) के साथ-साथ जुर्माना भी हो सकता है।

न्यूज एजेंसी भाषा ने सूत्र के हवाले से कहा कि हालांकि, किसी भी उत्पीड़न से बचने के लिए, बिल धन से जुड़े ऑनलाइन गेम खेलने वाले किसी भी व्यक्ति को अपराधी नहीं बनाता है। इसके पीछे सोच उन्हें अपराध करने वालों के बजाय पीड़ितों के रूप में मानना है। साथ ही, यह विधेयक उन लोगों पर नकेल कसता है जो इसे बढ़ावा देते हैं। यह बैंकों और वित्तीय संस्थानों को वास्तविक धन वाले ऑनलाइन गेम से संबंधित धनराशि के प्रसंस्करण या हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगाता है।

सूत्रों ने बताया कि इस विधेयक का उद्देश्य ऑनलाइन सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देकर ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करना है। साथ ही जनहित में धन से जुड़ी ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाना है। उन्होंने बताया कि यद्यपि भारत में गेमिंग परिदृश्य में तीव्र वृद्धि देखी गई है, फिर भी नियामक परिवेश अभी भी अस्पष्ट बना हुआ है। साथ ही, ऑनलाइन गेम की लत लगने की प्रकृति, विशेष रूप से मौद्रिक प्रोत्साहन, और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

इसके अलावा, धन से जुड़े ऑनलाइन गेम के कारण व्यक्तियों को वित्तीय नुकसान होने के कई मामले सामने आए हैं। इसके परिणामस्वरूप अवसाद और यहां तक कि आत्महत्या जैसे गंभीर परिणाम सामने आए हैं। ऑनलाइन मनी गेमिंग का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी किया गया है। यह बिल एक ओर ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स (जैसे, कैंडी क्रश) को बढ़ावा देने और विनियमित करने का प्रयास करता है, वहीं दूसरी ओर भारत में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध लगाता है।

यह बिल निगरानी और जवाबदेही के लिए एक वैधानिक नियामक प्राधिकरण गठित करने का प्रस्ताव करता है। यह ऑनलाइन गेमिंग मंच के लिए पंजीकरण और अनुपालन व्यवस्था का भी आह्वान करता है। नियामक प्राधिकरण के पास उचित जांच के बाद यह निर्धारित करने का अधिकार होगा कि कोई विशेष ऑनलाइन गेम ऑनलाइन मनी गेम है या नहीं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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