Onion Storage AI Method: प्याज की बर्बादी रोकने और कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए केंद्र सरकार ने प्याज के भंडारण को और बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टैक्नोलॉजी की मदद लेने का फैसला किया है। यह पायलट पोजेक्ट शुरू होने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्येक साल करीब 11 हजार करोड़ रुपए प्याज ठीक से रखरखाव न होने की वजह से बर्बाद हो जाता है। इसको देखते हुए एआई-आधारित गोदाम बनाने का फैसला किया है। गोदामों में रखे प्याज पर रियल टाइम डेटा के लिए एआई आधारित सेंसर लगाया जाएगा। इससे करीब बर्बादी का करीब 5 बचाने का टारगेट है। रबी प्याज का करीब एक-चौथाई हिस्सा पुराने तरीके से हो रहे भंडारण की वजह से सड़ जाता है। प्रयोग के तौर पर करीब 100 एआई आधारित भंडारण सुविधा स्थापित की जाएंगी। अधिकारियों के मुताबिक अगले तीन वर्षों में करीब 500 एआई आधारित भंडारण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
ऐसे पता चलेगा सड़ रहा है प्याज
अधिकारियों के मुताबिक एआई आधारित सेंसर की मदद से प्याज सूखने और सड़ने के डाटा प्राप्त होंगे। इससे किसान आसानी ने प्याज सड़ने के बारे में पता चल जाएगा। इससे सुरक्षित भंडारण का पता चल जाएगा। डाटा आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) के जरिए प्राप्त किया जाएगा। खरीफ या गर्मियों में बोया जाने वाला लाल प्याज सबसे अधिक खराब होता है।
विकिरणित द्वारा भी प्याज का भंडारण
भंडारण हानि को कम करने के उद्देश्य से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) के सहयोग से पायलट आधार पर प्याज का विकिरण भी शुरू किया गया था। करीब 1,000 मीट्रिक टन विकिरणित किया गया था और नियंत्रित वातावरण भंडारण में संग्रहीत किया गया था। सरकार पायलट आधार पर भंडारण में भेजने से पहले प्याज को गामा किरणों से विकिरणित करने की योजना बना रही थी, जिससे फसल के बाद के नुकसान को 25 फीसदी से घटाकर 10-12 फीसदी करने की उम्मीद की जा रही थी।
बफर स्टॉक से प्याज जारी
उधर उपभोक्ता कार्य विभाग ने बफर के लिए खरीदे गए 3.00 लाख मीट्रिक टन प्याज से स्टॉक जारी कर दिया है। चालू वर्ष में बफर के लिए कुल 3.00 लाख मीट्रिक टन प्याज की खरीद की गई है, जिसे स्थिति की मांग होने पर और बढ़ाया जा सकता है। दो केंद्रीय नोडल एजेंसियों, अर्थात, नेफेड और एनसीसीएफ ने जून और जुलाई के दौरान महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से 1.50 लाख मीट्रिक टन रबी प्याज की खरीद की थी।
मूल्य नियंत्रण के लिए बफर स्टॉक जरूरी
सरकार प्याज की कीमतों में अस्थिरता को रोकने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत प्याज बफर बनाए रख रही है। वार्षिक बफर का निर्माण कमजोर मौसम के दौरान प्रमुख खपत केंद्रों में जारी करने के लिए रबी की फसल से प्याज खरीदकर किया गया है। पिछले चार वर्षों में प्याज का बफर आकार तीन गुना बढकर 2020-21 में 1.00 लाख मीट्रिक टन से 2023-24 में 3.00 लाख मीट्रिक टन तक हो गया है। प्याज बफर ने उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मूल्य स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
