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Onion Price Today: सस्ता हुआ प्याज, निर्यात पर प्रतिबंध का दिखा असर, कीमतों में 50% तक गिरावट

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Dec 20, 2023, 02:21 PM IST

Onion Price Today: मोदी सरकार के प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के दो हफ्ते बाद असर दिखा। थोक बाजार की कीमतों में 50 प्रतिशत तक गिरावट हुई। आने वालों दिनों और सस्ता हो सकता है।

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सस्ता हुआ प्याज

Onion Price Today: प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार ने 7 दिसबंर को निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। इसका असर थोक बाजारों की कीमतों पर दिखने लगा है। प्याज की कीमतें करीब 50% गिर गई हैं। इससे इतर व्यापारियों ने कहा कि आने वाले हफ्तों में कीमतें स्थिर रहने या थोड़ी कम होने की संभावना है क्योंकि खरीफ प्याज की आवक तेज हो गई है। AMPC द्वारा संकलित बाजार आंकड़ों से पता चलता है कि लासलगांव AMPC में प्याज की थोक कीमतें 20-21 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं। जो निर्यात पर प्रतिबंध लगने से ठीक पहले 39-40 रुपए प्रति किलोग्राम थीं। केंद्र सरकार ने सबसे पहले प्याज पर न्यूनतम निर्यात मूल्य ((MEP) लगाया था। जिसके बाद 7 दिसंबर को निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। निर्यात प्रतिबंध की घोषणा के तुरंत बाद प्याज की कीमतें गिरने लगीं।

प्याज की औसत कीमतों में 47% तक की हुई गिरावट

लासलगांव AMPC में 6 दिसंबर को लाल प्याज की औसत कीमत 39.50 रुपए प्रति किलोग्राम थी। जबकि अधिकतम कीमत 45 रुपए प्रति किलोग्राम थी। मंगलवार को ये गिरकर 21 रुपए प्रति किलोग्राम और 25 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गए हैं। इस प्रकार निर्यात प्रतिबंध के बाद औसत कीमत में 47% की गिरावट आई है जबकि अधिकतम कीमत में 44% की गिरावट आई है। बाजार के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि थोक बाजारों से प्याज की आवक के आंकड़े सरकार की अपेक्षा से अधिक खरीफ प्याज की आवक दिखा रहे हैं। लासलगांव बाजार उदाहरण के लिए इस महीने 19 दिसंबर तक 3.66 लाख टन लाल प्याज की आवक देखी गई है, जबकि पूरे दिसंबर 2022 में कुल आवक 3.69 लाख टन थी।

किसान चाहते हैं प्याज पर प्रतिबंध हटे

व्यापार के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि निर्यात प्रतिबंध हटाने के लिए आंदोलन कर रहे प्याज किसानों को उम्मीद है कि सरकार इथेनॉल के लिए गन्ने के रस के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के आंशिक संशोधन के समान अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकती है। मुंबई के एक प्याज निर्यातक अजीत शाह ने कहा कि किसान धीरे-धीरे प्याज बाजारों में ला रहे हैं क्योंकि उन्हें अभी भी उम्मीद है कि केंद्र सरकार प्याज निर्यात पर प्रतिबंध हटा सकती है। व्यापारियों ने कहा कि खरीफ प्याज जिसे लाल प्याज भी कहा जाता है। उसकी आवक काफी बढ़ गई है। जिससे कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। हालांकिमहाराष्ट्र के अहमदनगर के एक प्याज व्यापारी नंदकुमार शिर्के ने कहा कि देश भर में प्याज की अच्छी मांग है कुछ दिनों तक कीमतों को स्थिर रखने में मदद कर सकती है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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