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2026 के पहले दिन डॉलर के मुकाबले टूटा रुपया, जानें फॉरेक्स मार्केट में क्या हुआ एक्सचेंज रेट?

Rupee vs Dollar: रुपया बुधवार को 13 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.88 पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.32 पर रहा।

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रुपया बनाम डॉलर

Rupee vs Dollar: रुपया बृहस्पतिवार को 2026 के पहले कारोबारी सत्र में 10 पैसे टूटकर 89.98 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और घरेलू शेयर बाजारों में नकारात्मक रुख ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मिल रहे समर्थन को, अमेरिकी डॉलर सूचकांक में सकारात्मक रुख और विदेशी पूंजी की निकासी ने बेअसर कर दिया जिसके कारण रुपया सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। भारतीय रुपया साल के पहले दिन कमजोर हुआ। 2025 में इसमें पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। भारी मात्रा में धन की निकासी के कारण डॉलर की मांग अधिक रही और रुपये पर दबाव बना रहा।

कमजोर खुला था रुपया

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, डॉलर के मुकाबले 89.94 पर खुला। कारोबार के दौरान 89.99 प्रति डॉलर के निचले और 89.93 प्रति डॉलर के उच्च स्तर तक गया। अंत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.98 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 10 पैसे की गिरावट है। रुपया बुधवार को 13 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.88 पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.32 पर रहा।

शेयर बाजार सपाट हुआ बंद

घरेलू शेयर बाजार 2026 के पहले कारोबारी सत्र में स्थिर रुख के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 32 अंक टूटकर 85,188.60 अंक पर जबकि निफ्टी 16.95 अंक की बढ़त के साथ 26,146.55 अंक पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60.85 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 3,597.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

GST संग्रह बढ़ा

इस बीच, सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सकल जीएसटी संग्रह दिसंबर में 6.1 प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। करों में कटौती के बाद घरेलू बिक्री से होने वाले राजस्व में वृद्धि सुस्त रहने से जीएसटी संग्रह की रफ्तार नरम पड़ी है। दिसंबर 2024 में सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा था।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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