Ola Electric के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। पिछले दो कारोबारी सत्रों में स्टॉक करीब 25% उछल गया। कंपनी के मजबूत डिमांड डेटा, कीमत में कटौती और ऑपरेशनल सुधार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जिससे शेयर में तेज खरीदारी देखने को मिली। बेंगलुरु स्थित इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ola Electric के शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज हुई। स्टॉक NSE पर ₹28.55 के हाई तक पहुंच गया और दो सत्रों में कुल मिलाकर करीब 25% चढ़ गया।
इंट्राडे में भी शेयर में 10% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली, जो मजबूत खरीदारी संकेत देती है। शेयर में तेजी के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी बड़ा उछाल आया। NSE पर वॉल्यूम 2.3 गुना बढ़कर 24.10 करोड़ शेयर पहुंच गया, जबकि BSE पर भी औसत से दोगुना से ज्यादा कारोबार हुआ। यह दिखाता है कि बाजार में मजबूत भागीदारी के साथ रैली को सपोर्ट मिला।
डिमांड में जोरदार रिकवरी
कंपनी के मुताबिक मार्च के आखिरी सप्ताह में रोजाना ऑर्डर 1000 यूनिट पार कर गए। वहीं, मार्च में कुल रजिस्ट्रेशन 10,117 यूनिट तक पहुंच गए, जो फरवरी के 3,973 यूनिट के मुकाबले 150% से ज्यादा की मासिक बढ़त दर्शाता है। यह आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की डिमांड में तेज वापसी हुई है। कंपनी ने बताया कि 80% से ज्यादा वाहनों की सर्विस अब उसी दिन हो रही है। बेहतर पार्ट्स उपलब्धता, तेज डायग्नोस्टिक्स और मजबूत ऑपरेशनल कंट्रोल ने ग्राहक अनुभव को सुधारा है। हाल के महीनों में आई सर्विस चुनौतियों के बाद यह सुधार निवेशकों और ग्राहकों दोनों के भरोसे को मजबूत कर रहा है।
कीमत में कटौती बना बड़ा ट्रिगर
Ola Electric ने अपने फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल Roadster X+ 9.1 kWh की कीमत ₹60,000 घटाकर ₹1,29,999 कर दी है। पहले इसकी कीमत ₹1,89,999 थी। कंपनी का कहना है कि गिगाफैक्ट्री में स्केल बढ़ने और लागत घटने से यह कटौती संभव हुई है, जिसका फायदा सीधे ग्राहकों को दिया जा रहा है। मार्च में Ola Electric भारत की पहली EV कंपनी बन गई जिसने कुल 10 लाख रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा पार किया। VAHAN डेटा के अनुसार यह उपलब्धि कंपनी के लिए बड़ा माइलस्टोन है और भारत के EV सेक्टर में उसकी मजबूत पकड़ को दिखाता है।
घाटे के बावजूद क्यों भागा शेयर?
Ola Electric के फाइनेंशियल्स साफ दिखाते हैं कि कंपनी अभी भी गहरे घाटे में है। FY25 में कंपनी का नेट लॉस बढ़कर करीब ₹2,276 करोड़ पहुंच गया, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट लगातार निगेटिव रहा और OPM भी -38% के आसपास है। TTM में भी घाटा ₹2,200 करोड़ के ऊपर बना हुआ है, यानी अभी प्रॉफिटेबिलिटी दूर है। इसके बावजूद शेयर में तेजी इसलिए आई क्योंकि बाजार करंट प्रॉफिट नहीं, बल्कि फ्यूचर ग्रोथ को प्राइस इन कर रहा है।
डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
