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OLA Share Price: ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 9 फीसदी गिरा, 90 रुपये से भी नीचे फिसला, जानें क्यों गिरावट का दौर

OLA Electric Share Price: इलेक्ट्रिक के शेयर 76 रुपये के भाव पर अगस्त में बाजार में लिस्ट हुए थे। लिस्टिंग के बाद शेयर में काफी तेजी देखने को मिली थी और कुछ हफ्तों में शेयर का भाव करीब दोगुना होकर 157.40 रुपये पर पहुंच गया था, जो कि इसका उच्चतम स्तर है।फिलहाल शेयर अपने उच्चतम स्तर से 42 से 43 प्रतिशत फिसल चुका है।

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ओला इलेक्ट्रिक शेयर में गिरावट

Photo : Times Now Digital

OLA Share Price:भाविश अग्रवाल के नेतृत्व वाली ओला इलेक्ट्रिक के शेयर सोमवार को 90 रुपये के नीचे फिसल गया। शेयर में गिरावट की वजह सोशल मीडिया पर ओला इलेक्ट्रिक के स्कूटर्स को लेकर लगातार आ रही शिकायतें हैं। शुरुआती कारोबारी घंटे में शेयर ने करीब 9 प्रतिशत की गिरावट के साथ 89.55 का न्यूनतम स्तर छुआ। बाद में शेयर में हल्की रिकवरी देखने को मिली और यह दोपहर 12:40 बजे करीब 8.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 90.98 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

76 रुपये पर लिस्ट हुआ था शेयर

आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार ओला इलेक्ट्रिक के शेयर 76 रुपये के भाव पर अगस्त में बाजार में लिस्ट हुए थे। लिस्टिंग के बाद शेयर में काफी तेजी देखने को मिली थी और कुछ हफ्तों में शेयर का भाव करीब दोगुना होकर 157.40 रुपये पर पहुंच गया था, जो कि इसका उच्चतम स्तर है।फिलहाल शेयर अपने उच्चतम स्तर से 42 से 43 प्रतिशत फिसल चुका है।ओला के शेयर में गिरावट आने की वजह कंपनी के लिए लगातार नकारात्मक खबरों का आना है। सितंबर के बिक्री के आंकड़ों में कंपनी का मार्केट शेयर गिरकर 27 प्रतिशत हो गया है, जो कि पहले 30 प्रतिशत से अधिक था। कंपनी ने पिछले महीने 24,665 ईवी स्कूटर्स बेचे थे। अगस्त में यह आंकड़ा 27,587 यूनिट्स का था।

क्यों शेयरों में गिरावट

ओला इलेक्ट्रिक के शेयर में गिरावट की एक वजह बाजार में प्रतिस्पर्धा का बढ़ना है। कई कंपनियां उसकी ईवी स्कूटर की सीरीज एस1 की कीमतों के आसपास ही नए ईवी स्कूटर लॉन्च कर रही हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी ग्राहकों की ओर से कंपनी के ईवी स्कूटर के लेकर असंतोष जताया जा रहा है। ग्राहक स्कूटर में हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर में परेशानी का सामना कर रहे हैं।कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के पास ईवी स्कूटर्स को लेकर महीने में करीब 80,000 शिकायतें आ रही हैं। ट्रेड एनालिस्ट के मुताबिक, फिलहाल कंपनी नुकसान में है और उच्च वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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