बिजनेस

Ola Electric Mobility के शेयर में क्यों हो रही धड़ाधड़ बिकवाली? एक्सपर्ट ने बताया लगातार गिरावट के कारण

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से भारी गिरावट देखने को मिल रही है। निवेशक लगातार शेयर बेच रहे हैं, जिससे स्टॉक अपने 52 सप्ताह के हाई से 60% तक लुढ़क चुका है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि शेयर में अचानक धड़ाधड़ बिकवाली शुरू हो गई? मार्केट एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इसके पीछे कई बड़े कारण छिपे हैं कमजोर फंडामेंटल, EV सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कंपनी की ग्रोथ को लेकर निवेशकों की चिंता।

Image

Ola Electric Mobility Share Price

भारतीय शेयर बाजार में गुरूवार का दिन ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Ola Electric Mobility) के निवेशकों के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुआ। कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। खास बात यह रही कि ओला इलेक्ट्रिक का स्टॉक अपने 52 सप्ताह के हाई लेवल से लगभग 60% तक गिर चुका है, जिससे कंपनी के मार्केट कैप पर भी काफी नकारात्मक असर दिखाई दिया। मार्केट वैल्यू घटकर 17,000 करोड़ रुपये से नीचे पहुंच गई, जो कंपनी से जुड़े निवेशकों के लिए चिंता का कारण है।

60% की गिरावट क्यों टूट रहा है विश्वास?

ओला इलेक्ट्रिक का शेयर कभी 102.50 रुपये के हाई स्तर पर पहुंचा था (4 दिसंबर 2024)। लेकिन एक साल के अंदर ही यह स्टॉक 38 रुपये के आसपास आ गया, यानी लगभग 60% की गिरावट। सिर्फ पिछले एक महीने में ही शेयर करीब 25% नीचे आया है, जबकि 6 महीनों में कुल मिलाकर 23% की गिरावट देखने को मिली है।

इस तरह की लगातार गिरावट यह बताती है कि कंपनी की दिशा को लेकर बाजार में कई तरह की चिंताएं बनी हुई हैं। यह गिरावट सिर्फ एक दिन की मार्केट मूवमेंट का नतीजा नहीं है, बल्कि पिछले कई महीनों से चल रही नकारात्मक सेंटिमेंट का असर है।

बाजार में ओला इलेक्ट्रिक का हाल

बुधवार के ट्रेडिंग सेशन में ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई पर यह शेयर 5% यानी लगभग 2 रुपये गिरकर 38.02 रुपये पर बंद हुआ। दिन के दौरान शेयर ने 40.40 रुपये का हाई लेवल छुआ था, जबकि अंत में यह सीधे लो लेवल पर बंद हो गया। यह साफ दिखाता है कि ट्रेडिंग के दौरान निवेशकों का भरोसा लगातार कमजोर होता गया।

एनएसई पर भी कंपनी का यही हाल रहा। यहां स्टॉक 5.02% यानी 2.01 रुपये की गिरावट के साथ 38.03 रुपये पर बंद हुआ। यह लगातार गिरावट दर्शाती है कि निवेशक इस समय ओला इलेक्ट्रिक के भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं दिख रहे और भारी मात्रा में बिकवाली कर रहे हैं।

निवेशकों पर असर क्या पड़ता है?

जिन निवेशकों ने हाई रेट पर स्टॉक खरीदा, उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। 102 रुपये से गिरकर 38 रुपये के स्तर पर आने का मतलब है कि निवेशक की पूंजी लगभग आधी रह गई है। इतना बड़ा नुकसान मानसिक दबाव भी बनाता है और कई निवेशक घाटा कट करने के लिए स्टॉक बेच देते हैं, जिससे गिरावट और गहरी हो जाती है।

क्या यह खरीदने का मौका है या दूरी बनाना ही ठीक?

यह सवाल हर निवेशक के मन में होता है। लेकिन ऐसे स्टॉक्स में निवेश कंपनी के फंडामेंटल, भविष्य की योजना, प्रोडक्ट डिमांड और इंडस्ट्री ग्रोथ को समझकर ही करना चाहिए। EV सेक्टर भविष्य में बड़ा हो सकता है, लेकिन फिलहाल ओला इलेक्ट्रिक का स्टॉक काफी दबाव में है।

मार्केट एक्सपर्ट्स आमतौर पर सलाह देते हैं कि गिरते हुए स्टॉक्स में बिना रिसर्च के निवेश ना करें। बेहतर है कि कंपनी के क्वार्टरली नतीजे, ऑर्डर बुक और विस्तार योजनाओं पर नजर रखें और उसके बाद ही फैसला करें।

(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article