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Oil Prices jumped: तेल की कीमतों में उछाल, इजराइल के ईरान पर हमले का असर स्टॉक मार्केट पर भी पड़ा

Oil Prices jumped: इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 7% से अधिक की तेजी आई। इस हमले ने मध्य पूर्व में तनाव को बढ़ा दिया है, जिससे ऑयल सप्लाई में रुकावट की आशंका बढ़ गई है। ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों की कीमतें कई महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं।

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इज़राइल-ईरान विवाद अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, ग्लोबल संकट बनता जा रहा है।

Photo : iStock

Oil Prices jumped: इजराइल ने ईरान पर शुक्रवार को हवाई हमले कर दिए हैं। जिसके के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई। इस भू-राजनीतिक तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में 7% से अधिक की तेजी देखने को मिली है। यह पिछले कई महीनों की कीमतों से ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई। ब्रेंट क्रूड वायदा शुक्रवार सुबह $5.29 (7.63%) बढ़कर $74.65 प्रति बैरल हो गया, जबकि यह दिन के दौरान $75.32 तक पहुंच गया, जो 2 अप्रैल के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $5.38 (7.91%) बढ़कर $73.42 हो गया, जो 3 फरवरी के बाद सबसे ऊंची कीमत है।

ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं पर हमला

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह हमला ईरान के परमाणु ढांचे, बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण और सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए किया गया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, तेहरान में जोरदार विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं।

विश्लेषकों ने क्या दी चेतावनी

MST Marquee के वरिष्ठ ऊर्जा विश्लेषक सॉल कवोनिक के अनुसार, अगर यह संघर्ष और बढ़ता है और ईरान क्षेत्रीय तेल अवसंरचना पर जवाबी कार्रवाई करता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि चरम स्थिति में ईरान स्ट्रेट के माध्यम से प्रतिदिन 2 करोड़ बैरल तक की आपूर्ति को बाधित कर सकता है।

अमेरिका ने बनाई दूरी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह इज़राइल की एकतरफा कार्रवाई है और इसमें अमेरिका शामिल नहीं है। उन्होंने साथ ही ईरान को चेतावनी दी कि वह अमेरिकी हितों या कर्मियों को निशाना न बनाए। भू-राजनीतिक तनावों के चलते एशियाई शेयर बाजारों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया।

स्टॉक मार्केट में गिरावट का दौर

अमेरिकी वायदा बाजार में भारी गिरावट देखी गई, जबकि निवेशक सोना और स्विस फ्रैंक जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर भागते नजर आए। IG मार्केट विश्लेषक टोनी साइकामोर ने कहा कि ईरान की संभावित प्रतिक्रिया को लेकर बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति में गिरावट आ सकती है।

रॉयटर्स इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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