NSE Investors Data: शेयर बाजार में जारी लगातार गिरावट और बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों के भरोसे को झटका दिया है। NSE के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष (FY26) में नए निवेशकों की एंट्री में करीब 30% की गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले तीन सालों में सबसे बड़ी कमी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की मासिक रिपोर्ट NSE Pulse के डेटा के मुताबि् FY26 में अब तक नए निवेशकों का रजिस्ट्रेशन घटकर करीब 1.5 करोड़ रह गया है, जो FY25 के 2.12 करोड़ के मुकाबले लगभग 30% कम है। यह गिरावट FY23 के बाद सबसे तेज मानी जा रही है और यह साफ संकेत देती है कि बाजार में रिटेल भागीदारी कमजोर पड़ रही है।
कुल निवेशक बेस बढ़ा
रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही नए निवेशकों की एंट्री में गिरावट आई है, लेकिन कुल यूनिक निवेशक बेस बढ़कर 12.78 करोड़ हो गया है। FY25 के 11.28 करोड़ के मुकाबले यह करीब 13.3% की बढ़त है। यानी पुराने निवेशक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भी टिके हुए हैं, लेकिन नए निवेशक बाजार में आने से बच रहे हैं।
वोलैटिलिटी बनी बड़ी वजह
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बाजार की कमजोरी और उतार-चढ़ाव रहा। FY26 के दौरान सेंसेक्स करीब 4.5% और निफ्टी 2.6% तक फिसले हैं। मिडकैप में हल्की मजबूती रही, लेकिन स्मॉलकैप में गिरावट ने रिटेल निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। लगातार अस्थिरता ने नए निवेशकों को एंट्री से दूर रखा।
ग्लोबल फैक्टर्स और FII बिकवाली का असर
बाजार पर दबाव सिर्फ घरेलू कारणों से नहीं, बल्कि ग्लोबल फैक्टर्स से भी आया। जियोपॉलिटिकल तनाव, ट्रेड प्रोटेक्शनिज्म और करेंसी उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सतर्क किया। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटिमेंट को और कमजोर किया, जिससे नए निवेशकों का उत्साह कम हुआ।
उत्तर भारतीय बाजार में सबसे आगे
नए निवेशकों में क्षेत्रीय हिस्सेदारी की बात करें तो उत्तर भारत 39.8% के साथ सबसे आगे है। इसके बाद दक्षिण भारत 25%, पश्चिम भारत 21.5% और पूर्व भारत 13.4% हिस्सेदारी के साथ आते हैं। पिछले पांच सालों में उत्तर भारत की हिस्सेदारी और मजबूत हुई है, जबकि पश्चिम भारत की हिस्सेदारी में गिरावट आई है।
राज्यों में यूपी नंबर वन, गुजरात में सबसे तेज गिरावट
राज्य स्तर पर उत्तर प्रदेश 14.8% हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर है, जबकि महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार भी प्रमुख योगदान दे रहे हैं। हालांकि मासिक आधार पर सभी राज्यों में गिरावट देखने को मिली है। गुजरात में सबसे ज्यादा 50% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि यूपी में भी 22% की कमी आई है।
निवेशक सतर्क, बाजार को चाहिए स्थिरता
डेटा साफ दिखाता है कि निवेशक अब बाजार के उतार-चढ़ाव को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं। नए निवेशकों की एंट्री तभी बढ़ेगी जब बाजार में स्थिरता और भरोसा लौटेगा। फिलहाल वोलैटिलिटी और कमजोर सेंटिमेंट रिटेल फ्लो को सीमित कर रहे हैं।
