Go First Insolvency : दिवालिया प्रोसेस से गुजर रही गो फर्स्ट (Go First) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब कंपनी से एयरक्राफ्ट छिनने की नौबत आ गई है। दरअसल एयरक्राफ्ट लीज पर देने वाली एक कंपनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) का रुख किया। इस कंपनी ने संकटग्रस्त एयरलाइन को लीज पर दिए एयरक्राफ्ट वापस मांगने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है।
एयरक्राफ्ट का रजिस्ट्रेशन कैंसल किए जाने की मांग
ईटी की रिपोर्ट में एक वकील के हवाले से बताया गया है कि एक्सीपीटर इन्वेस्टमेंट्स एयरक्राफ्ट 2 लिमिटेड (Accipiter Invesments Aircraft 2 Ltd) ने केंद्र सरकार और कई अन्य के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की है।
इसने हाई कोर्ट से अनुरोध किया है कि डीजीसीए (DGCA) को इसके एयरक्राफ्ट का रजिस्ट्रेशन कैंसल करने का निर्देश दिया जाए जो इस समय गो फर्स्ट के पास लीज पर हैं।
दो और कंपनियों ने बढ़ाई मुश्किलें
एक्सीपीटर इन्वेस्टमेंट्स के अलावा लीज पर एयरक्राफ्ट देने वाली दो और कंपनियों ने एयरलाइन की दिवालिया कार्यवाही का विरोध करते हुए राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) का रुख किया है। इनमें Accipiter Invesments Aircraft और Eos Aviation 12 (Ireland) Ltd शामिल हैं।
22 मई होगा अहम दिन
गो फर्स्ट मामले में कुल छह कंपनियों ने एनसीएलएटी का रुख किया है और इससे पहले मंगलवार को अपीलीय न्यायाधिकरण ने आयरलैंड की इंजन लीजिंग फाइनेंस (Engine Leasing Finance) की याचिका पर सुनवाई की। अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा कि वह बाकी तीन याचिकाओं के साथ मामले पर 22 मई को फैसला करेगा।
दिवालिया होने के लिए किया था अप्लाई
गो फर्स्ट दिवालिया होने के लिए अप्लाई कर चुकी है। 10 मई को, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने गो फर्स्ट की स्वैच्छिक दिवाला समाधान (Voluntary Insolvency Resolution) याचिका को अनुमति दी। गो फर्स्ट ने 3 मई से अपनी उड़ाने रोक दी हैं।
इस महीने अब तक, कई लीज कंपनियों ने गो फर्स्ट के 45 विमानों का रजिस्ट्रेश कैंसल करने और वापस लेने के लिए विमानन नियामक DGCA से संपर्क किया है।
