नेपाल ने 10 साल का बैन खत्म करते हुए भारत के बड़े नोट को ले जाने की अनुमति दे दी है। एक अधिकारिक बयान के अनुसार, नेपाल ने ज्यादा कीमत वाले भारतीय नोट ले जाने पर लगी पाबंदियों में ढील दी है, जिससे एक दशक पुराना बैन खत्म हो गया है। अब लोग अधिकतम 25,000 रुपये तक के 200 और 500 रुपये के भारतीय नोट, नेपाल अपने साथ ले जा सकेंगे। इस कदम से नेपाल घमूने जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। बदले हुए नियम के तहत, नेपाली और भारतीय दोनों नागरिक ज्यादा कीमत वाले बैंक नोट भारत से नेपाल ला सकते हैं या नेपाल से भारत ले जा सकते हैं। यह फैसला रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट (करेंसी का एक्सपोर्ट और इंपोर्ट) रेगुलेशन, 2015 में किए गए संशोधनों के बाद आया है। इस संशोधन से भारतीय, नेपाली और भूटानी नागरिकों को भारत आते-जाते समय ज्यादा कीमत वाले भारतीय नोट ले जाने की इजाजत मिली है।
टूरिस्ट और बिजनेसमैन को होगी आसानी
नए बदलाव के बाद दोनों देशों के टूरिस्ट और बिजनेसमैन को एक-दूसरे के देश में यात्रा करने या बिजनेस करने में आसानी होगी। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने कहा, एक बार जब सरकार का फैसला नेपाल गजट में छप जाएगा, तो NRB इस संबंध में एक सर्कुलर जारी करेगा जो भारत से नेपाल या नेपाल से भारत यात्रा करने वाले लोगों द्वारा बड़े डिनॉमिनेशन वाले भारतीय बैंक नोटों के इस्तेमाल को कानूनी बना देगा।यह हमारी लंबे समय से चली आ रही रिक्वेस्ट थी और भारत ने इस पर पॉजिटिव जवाब दिया है।"
बड़ी संख्या में नेपाली भारत में करते हैं काम
बड़ी संख्या में नेपाली लोग अलग-अलग कामों के लिए भारत आते हैं। भारत के लोग भी नेपाल काम से या घूमने जाते हैं। करेंसी की पाबंदियों की वजह से लंबे समय से दिक्कतें हो रही थीं, खासकर उन प्रवासी मजदूरों को जो भारत में कमाते हैं। कई प्रवासी मजदूरों को अपनी कमाई कम कीमत वाले नोटों में घर लानी पड़ती है, जिससे यात्रा के दौरान चोरी और जेबकतरों का खतरा बढ़ जाता है। ज्यादा कीमत वाले नोट साथ ले जाने की सुविधा न होने के कारण, भारतीय टूरिस्ट खुलकर खर्च नहीं कर पाते, जिससे बॉर्डर वाले शहरों में रेवेन्यू कम हो जाता है।
