RBI Monetary Policy Review: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। 11वीं बार रेपो रेट को 6.5 फीसदी बरकरार रखने का फैसला किया गया। रेपो रेट न घटने से संभावना है कि बैंक लोन की ब्याज दरें कम नहीं करेंगे, जिससे EMI नहीं घटेगी। मगर EMI बढ़ेगी भी नहीं, क्योंकि लोन महंगा नहीं होगा। हालांकि FY2025 के लिए विकास दर के पूर्वानुमान को 7.2 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया। वहीं बैंकों के लिए कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में कटौती की और इसे 4.5 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी कर दिया गया। इससे कमर्शियल बैंक अधिक लो पाएंगे। इन सभी फैसलों का इकोनॉमी और आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा, जानते हैं एक्सपर्ट्स की राय।
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रेपो रेट में बदलाव न करना समझदारी भरा कदम
गंगा रियल्टी के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर विकास गर्ग ने कहा है कि आरबीआई द्वारा रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला स्वागत योग्य है, जो उम्मीदों के अनुसार है। मौजूदा आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया ये एक समझदारी भरा कदम है।
उन्होंने कहा कि महंगाई के नियंत्रण में आने और रियल एस्टेट की मांग बढ़ने के साथ, यह नीति आवासीय क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देगी। यह निर्णय आर्थिक स्थिरता और विकास के बीच संतुलन बनाने की आरबीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और रियल एस्टेट सेक्टर में निरंतर प्रगति के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है।
किफायती लोन दरों के लिए बड़ा फैसला
त्रेहान ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सारांश त्रेहान के अनुसार आरबीआई का रेपो रेट को स्थिर रखने का निर्णय घर खरीदने के लिए किफायती लोन दरें सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है, जो रियल एस्टेट निवेश को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है।
त्रेहान के मुताबिक यह फैसला विशेष रूप से एनसीआर जैसे तेज़ी से बढ़ते क्षेत्रों में आवासीय मांग की मौजूदा गति को बनाए रखने में मदद करेगा। मॉर्गेज दरों को स्थिर कर, यह नीति घर खरीदारों को प्रोत्साहित करेगी और रियल एस्टेट सेक्टर की वृद्धि को बनाए रखेगी। इसके अलावा, यह महंगाई नियंत्रण और जीडीपी वृद्धि जैसे बड़े आर्थिक लक्ष्यों को भी समर्थन देती है, जिससे बाजार में विश्वास बढ़ाने के लिए यह एक अहम कदम साबित होता है।
घर खरीदारों को होगा फायदा
अशर ग्रुप में उपाध्यक्ष और वित्त प्रमुख धर्मेंद्र रायचुरा के अनुसार RBI द्वारा रेपो दर को अपरिवर्तित रखने का फैसला रियल एस्टेट सेक्टर के कमर्शियल लक्ष्यों और घर के मालिकों के सपनों को सपोर्ट करेगा। रियल एस्टेट सेक्टर, ब्याज दरों में स्थिरता सुनिश्चित करता है और हाउसिंग मार्केट में निरंतर विकास को बढ़ावा देता है। हाल ही में बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद यह कदम विशेष रूप से स्वागत योग्य है, जो इस क्षेत्र को बहुत जरूरी सपोर्ट देगा।
इकोनॉमिक ग्रोथ को मिलेगा बढ़ावा
धर्मेंद्र रायचुरा ने कहा कि दर में कटौती विभिन्न उद्योगों में उपभोक्ता मांग को पुनर्जीवित करने के लिए एक समय पर प्रोत्साहन होगी, जिससे वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा देगी।
उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट उद्योग ने खरीदारों के विश्वास और आवास बाजार में निरंतर मांग के लिए ब्याज दरों में स्थिरता के महत्व का हवाला देते हुए RBI के फैसले का स्वागत किया है। रेपो दर 6.5% पर अपरिवर्तित रहने के साथ, घर खरीदार और निवेशक बेहतर लोन माहौल की उम्मीद कर सकते हैं, जिससे इस क्षेत्र में विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
