Apple Crop: अक्सर मौसम का प्रभाव हमारे खाद्यानों की उपज पर पड़ता है। इन दिनों भीषण गर्मी ने तबाही मचा रखी है। बारिश न होने की वजह से इस मौसम में होने वाली फसल पर असर पड़ा है। मई और जून में देश में कुछ इलाकों में थोड़ी बहुत बारिश होती रही है। सामान्य से कम बारिश होने से सेब की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। इस वजह से सेब के उत्पादन में कमी आई है। इसका असर इसकी कीमतों पर भी पड़ सकता है। रूरल वॉयस ने बागवानी एक्सपर्ट और नौणी विश्वविद्यालय (डॉ वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय) के रिटायर्ड प्रोफेसर एसपी भारद्वाज के हवाले से बताया कि गर्मी की तपिश में कैसे सेब के पेड़ को सुरक्षित रख सकते हैं। बारिश की कमी से क्या-क्या नुकसान हो सकता है।
गर्मी से सेब की फसल को नुकसान
- बारिश न होने के चलते के सेब बागवानों को सिंचाई करने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। न के बराबर हो रही है।
- इतना ही नहीं अत्यधिक गर्मी पड़ने से कई क्षेत्रों में सेब के पेड़ सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
- पर्याप्त पानी न मिलने से सेब के पेड़ों में कीट और कई रोग देखने को मिलते हैं।
- पर्याप्त पानी की कमी से सेब के फल भी पेड़ से समय से पहले गिरने लगते हैं।
- बारिश न होने से सेब का विकास नहीं होता है और इसका रंग भी फीका पड़ जाता है।
- सेब की फसल अच्छी नहीं होने से किसानों को उचित दाम भी नहीं मिलता है।
- किसानों को नुकसान के साथ बेचना पड़ता है।
गर्मी से सेब के पेड़ों को कैसे बचाएं
- जिन इलाकों में पानी की कमी है, वहां सेब के पेड़ के तलों को ढककर रखें।
- ढककर रखने से पेड़ ज्यादा पानी नहीं सोखेंगे और उनमें नमी की कमी नहीं होगी।
- पेड़ के तलों को ढककर रखने से वहां ज्यादा हीट नहीं बनती और नमी बनी रहती है।
- ढकने के लिए बागवान घास, पॉलिथीन, पत्थरों या लकड़ी की बाड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- इलाके में पानी की कमी है तो कम से कम तीन दिन बाद पेड़ में पानी डालें ताकि पेड़ नहीं सूख सके।
- गर्मियों के दौरान सेब के पेड़ों पर स्प्रे करने से बचें।
