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Jan Dhan Accounts: जन धन खातों पर आया बड़ा अपडेट, बंद करने के निर्देश पर वित्त मंत्रालय ने कही ये बात

PM Jan Dhan Yojana accounts: मीडिया में आई रिपोर्टों के संबंध में कि वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने बैंकों को निष्क्रिय प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) खातों को बंद करने के लिए कहा है, DFS ने स्पष्ट किया है कि उसने बैंकों को ऐसे किसी भी निष्क्रिय जन धन खातों को बंद करने का निर्देश नहीं दिया है।

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प्रधानमंत्री जन धन योजना (तस्वीर-X)

PM Jan Dhan Yojana accounts: वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के निष्क्रिय खातों को बंद करने को लेकर बैंकों को कोई निर्देश नहीं दिया गया है। हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि DFS ने बैंकों को निष्क्रिय जन धन खातों को बंद करने के निर्देश दिए हैं, जिसे विभाग ने सिरे से खारिज कर दिया है।

जन धन योजनाओं को मजबूत करने के लिए तीन महीने का अभियान

वित्तीय सेवा विभाग ने बताया कि 1 जुलाई 2025 से देशभर में तीन महीने का विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY), जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक लोगों तक पहुंचाना है। इस दौरान बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने खाताधारकों से संपर्क कर उनके खातों का पुनः-केवाईसी (Re-KYC) करें और उन्हें सक्रिय बनाएं।

निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने पर जोर

DFS ने यह भी कहा कि विभाग लगातार निष्क्रिय जन धन खातों की संख्या की निगरानी करता है और बैंकों को यह सलाह दी गई है कि वे संबंधित खाताधारकों से संपर्क कर उनके खातों को सक्रिय करें। निष्क्रिय खातों को बंद करने की किसी भी तरह की सामूहिक कार्रवाई की कोई जानकारी विभाग को प्राप्त नहीं हुई है।

खातों की संख्या में लगातार वृद्धि

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खातों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इससे स्पष्ट है कि योजना की पहुंच और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, और सरकार इसे और मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। (इनपुट पीआईबी)

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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