बिजनेस

ईद से पहले कश्मीर के बाजारों में नहीं दिख रही है चहल-पहल, जानिए क्या है वजह

Recession In Kashmir Markets: ईद के मौके पर भी कश्मीर घाटी में श्रीनगर सहित अन्य स्थानों के बाजारों में सामान्य चहल-पहल नहीं दिख रही है। क्या यह मंदी की आहट है। आइए जानते हैं क्या कहता है ट्रेडर्स एसोसिएशन।

Image

क्या मंदी आ गई?

Photo : BCCL

Recession In Kashmir Markets: ईद-उल-अजहा से पहले कश्मीर घाटी में श्रीनगर सहित अन्य स्थानों के बाजारों में सामान्य चहल-पहल नहीं दिख रही है। यहां खरीदारी कम होने के कारण बिक्री सुस्त रही। व्यापारियों का कहना है कि यहां शहर के बीच स्थित लाल चौक और इसके आसपास के बाजारों में ईद से सिर्फ दो दिन पहले बिक्री सुस्त रही। बाजारों, विशेषकर बेकरी, कन्फेक्शनरी, रेडीमेड कपड़ों और क्रॉकरी की दुकानों में ईद से पहले जहां ग्राहकों की भारी भीड़ होती थी, वहां अब बिक्री सुस्त है।

पहले की तुलना में बाजार में 80% की गिरावट

लाल चौक ट्रेडर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुहैल शाह ने कहा कि ईद के त्योहार से पहले की तुलना में बाजार में लगभग 80 प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की आमद सामान्य दिनों की तरह ही है। वास्तव में इस वर्ष ईद-उल-फितर के अवसर पर बाजारों में भारी भीड़ की तुलना में बिक्री लगभग 60 प्रतिशत कम है। शाह ने कहा कि बिक्री में गिरावट के कई कारण हैं।

ऑनलाइन खरीदारी भी वजह

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी एक कारण है। दूसरा कारण यह है कि ऐसा लगता है कि हम मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। इसके अलावा, मुझे लगता है कि हम अभी कोविड महामारी के प्रभाव से गुजर रहे हैं। श्रीनगर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों के कारण शहर के अंदरूनी इलाकों और शहरी इलाकों के बाजारों में भी बिक्री में कमी देखी गई। (इनपुट भाषा)

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article