Nifty Worst Stocks FY26: पिछले एक वर्ष में शेयर बाजार को कई बड़े जियोपॉलिटक झटकों को सहना पड़ा है। टैरिफ से लेकर पश्चिम एशिया में संघर्ष, AI की वजह से व्हाइट कॉलर जॉब्स पर दबाव और चीन की तरफ से रेयर अर्थ मटेरियल के एक्सपोर्ट पर बैन, ये ऐसे निर्णायक घटनाक्रम रहे, जिन्होंने तमाम उद्योगों को झकझोर दिया। इसका नतीजा यह रहा कि FY 26 में बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी करीब 2.5% की गिरावट में रहा। लेकिन, इस दौरान इंडेक्स के कुछ शेयरों में 50% तक भारी गिरावट हुर्ह है।
इस तरह गिरते बाजार में कई बड़े शेयरों ने निवेशकों को नुकसान पहुंचाया। Tata Motors, Trent, TCS, ITC और Wipro में 25% से 55% तक गिरावट आई। इनके कमजोर रिटर्न के पीछे सेक्टर दबाव के साथ-साथ फंडामेंटल संकेत जैसे धीमी ग्रोथ, मार्जिन प्रेशर और वैल्यूएशन करेक्शन अहम वजह बने।
Tata Motors: गिरावट के साथ मार्जिन दबाव
करीब 55% गिरने वाले Tata Motors में फंडामेंटल दबाव भी दिखा। हाल के सालों में प्रॉफिट ग्रोथ बेहतर रही, लेकिन मार्जिन पर दबाव और कैपेक्स बढ़ने से ROE 12–14% के आसपास रहा। ऑटो सेक्टर में डिमांड अनिश्चितता और EV निवेश के कारण कैश फ्लो पर दबाव बना है, जो वैल्यूएशन को प्रभावित कर रहा है।
Trent: हाई वैल्यूएशन का असर
Trent में करीब 37% गिरावट आई, जबकि कंपनी का प्रॉफिट CAGR 25%+ रहा है। ROE 20%+ है, जो मजबूत है, लेकिन यही हाई ग्रोथ पहले से कीमत में शामिल थी। यानी फंडामेंटल मजबूत होने के बावजूद “ओवरवैल्यूएशन” करेक्शन की बड़ी वजह बना।
TCS: स्थिर कंपनी, लेकिन स्लो ग्रोथ
TCS में करीब 31% गिरावट आई। कंपनी का ROE 40%+ और प्रॉफिट CAGR 10–12% है, जो स्थिरता दिखाता है। लेकिन IT सेक्टर में ग्रोथ स्लो होने और डिमांड कमजोर रहने से स्टॉक में गिरावट आई। यानी फंडामेंटल अच्छे हैं, लेकिन ग्रोथ ट्रिगर कमजोर पड़ा।
ITC: मजबूत कैश फ्लो, लेकिन धीमी ग्रोथ
ITC में करीब 28% गिरावट दर्ज हुई। कंपनी का ROE 25%+ और डेब्ट लगभग जीरो है। हालांकि, FMCG सेगमेंट में ग्रोथ धीमी रही, जिससे प्रॉफिट CAGR 10–12% के आसपास सीमित रहा। यही कारण है कि स्टॉक में वैल्यूएशन करेक्शन देखने को मिला।
Wipro: कमजोर ग्रोथ का असर
Wipro में करीब 26% गिरावट आई। कंपनी का ROE 15% के आसपास है, लेकिन प्रॉफिट CAGR सिर्फ 5–8% रहा है। कमजोर डील पाइपलाइन और IT सेक्टर की सुस्ती ने इसके फंडामेंटल को प्रभावित किया, जिससे स्टॉक लगातार दबाव में रहा।
| कंपनी | 1Y रिटर्न | प्रॉफिट CAGR | ROE | मुख्य समस्या |
|---|---|---|---|---|
| Tata Motors | -54.86% | 15–18% | 12–14% | मार्जिन दबाव |
| Trent | -37.52% | 25%+ | 20%+ | ओवरवैल्यूएशन |
| TCS | -30.85% | 10–12% | 40%+ | स्लो ग्रोथ |
| ITC | -28.41% | 10–12% | 25%+ | धीमी FMCG ग्रोथ |
| Wipro | -26.06% | 5–8% | ~15% | कमजोर डिमांड |
क्या कहता है डेटा
इन शेयरों में गिरावट का पैटर्न साफ है। इनमें या तो ग्रोथ स्लो हुई, या वैल्यूएशन ज्यादा था, या सेक्टर में दबाव आया। यानी सिर्फ मजबूत कंपनी होना काफी नहीं, लगातार ग्रोथ और सही वैल्यूएशन भी जरूरी है। FY26 के लूजर स्टॉक्स यह सिखाते हैं कि बाजार में गिरावट का सबसे ज्यादा असर उन्हीं शेयरों पर पड़ता है जहां ग्रोथ की उम्मीद कमजोर पड़ती है या वैल्यूएशन ज्यादा होता है।
डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
