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जुलाई से जूता-चप्पल संभलकर खरीदिएगा, सरकार लागू करेगी नया नियम,चीन से है खतरा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 20, 2023, 02:26 PM IST

New Standard For Footwear Products From July 2023:सरकार ने अक्टूबर, 2020 में 24 फुटवियर एवं संबंधित उत्पादों के लिए क्यूसीओ को अधिसूचित किया था लेकिन बाद में इसकी समयसीमा तीन बार बढ़ाई जाती रही। इस बार भी फुटवियर विनिर्माता इसे आगे बढ़ाने की मांग कर रहे थे लेकिन सरकार ने इसे एक जुलाई से लागू करने का फैसला कर लिया है।

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एक जुलाई से लागू होंगे नए नियम

New Standard For Footwear Products From July 2023:जूते-चप्पल,सैंडिल जैसे फुटवियर उत्पादों की एक जुलाई से खरीददारी बदल जाएगी। भारतीय मानक ब्यूरो ने इसके तहत फुटवियर निर्माताओं और आयातकों के लिए नए मानक तय कर दिए हैं। जिनका बड़े और मझोले फुटवियर निर्माताओं एक जुलाई से पालन करना होगा। जबकि छोटे कारोबारियों को ये नियम एक जनवरी 2024 से लागू करना होगा। सरकार इस कदम से चीन से आने वाले खराब क्वॉलिटी के फुटवियर उत्पादों के इस्तेमाल पर कंट्रोल करना चाहती है।

दो चरण में लागू होंगे नियम

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि फिलहाल ये गुणवत्ता मानक बड़े एवं मझोले स्तर के विनिर्माताओं और आयातकों के लिए ही लागू किए जा रहे हैं लेकिन एक जनवरी, 2024 से छोटे स्तर के फुटवियर विनिर्माताओं के लिए भी इनका पालन करना अनिवार्य होगा।उन्होंने कहा कि इस समयसीमा में आगे कोई और छूट नहीं दी जाएगी। गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) से गुणवत्तापूर्ण फुटवियर उत्पादों का घरेलू उत्पादन सुनिश्चित हो सकेगा और खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों के आयात पर भी लगाम लगेगी।

सरकार ने अक्टूबर, 2020 में 24 फुटवियर एवं संबंधित उत्पादों के लिए क्यूसीओ को अधिसूचित किया था लेकिन बाद में इसकी समयसीमा तीन बार बढ़ाई जाती रही। इस बार भी फुटवियर विनिर्माता इसे आगे बढ़ाने की मांग कर रहे थे लेकिन सरकार ने इसे एक जुलाई से लागू करने का फैसला कर लिया है।

यहां होगी टेस्टिंग

इन मानकों में फुटवियर बनाने में इस्तेमाल होने वाले चमड़े, पीवीसी और रबड़ जैसे कच्चे माल के अलावा सोल एवं हील के बारे में भी निर्देश दिए गए हैं। ये मानकरबड़ गम बूट, पीवीसी सैंडल, रबड़ हवाई चप्पल, स्पोर्ट्स शूज और दंगा-रोधी जूते जैसे उत्पादों पर लागू होंगे। तिवारी ने कहा कि क्यूसीओ के दायरे में रखे गए फुटवियर उत्पादों की कुल संख्या 27 हो गई है। बाकी 27 उत्पादों को भी अगले छह महीनों में क्यूसीओ के दायरे में लाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बीआईएस की दो प्रयोगशालाओं, फुटवियर डिजाइन एवं विकास संस्थान (एफडीडीआई) की दो प्रयोगशालाओं, केंद्रीय चमड़ा अनुसंधान संस्थान और 11 निजी प्रयोगशालाओं में फुटवियर उत्पादों के परीक्षण के लिए सुविधाएं तैयार की गई हैं। बीआईएस ने सार्वजनिक कॉल सुविधा शुरू की है जिसके सहारे बीआईएस की पहल, योजनाओं और अन्य मामलों पर अपने सुझाव, सवाल या शिकायत रखे जा सकते हैं। इसके अलावा बीआईएस अपनी वेबसाइट पर एक ऑनलाइन मंच ‘मानक रथ’ भी लेकर आया है जिसपर उपयोगकर्ता अपने विचार रख सकते हैं।

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