How to open Petrol Pump in Rural Area : अकसर ग्रामीण इलाकों के लोग दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करते हैं। इसकी एक ही वजह होती है और वो है रोजगार। अगर किसी को गांव के आस-पास ही रोजगार मिल जाए तो शायद वो शहर आकर न बसे। एक रोजगार आइडिया हम आपको दे रहे हैं, जो ग्रामीण इलाकों के लिए परफेक्ट हो सकता है। आप पेट्रोल पंप (Petrol Pump) खोल सकते हैं। इसका तरीका हम आपको आगे बताएंगे।
कौन खोल सकता है पेट्रोल पंप (Petrol Pump)
पेट्रोल पंप खोलने के लिए कई चीजें जरूरी हैं। भारत में रहने वाला वो भारतीय जिसकी आयु 21 से 60 साल तक हो, केवल उसे ही पेट्रोल पंप खोलने की परमिशन मिलेगी। वहीं जरूरी एजुकेशन क्वालिफिकेशन कम से कम 10वीं पास है। पेट्रोल पंप खोलने के लिए और क्या-क्या नियम हैं, वो आप इस लिंक पर पर पढ़ सकते हैं।
कितना आएगा खर्च
पैसाबाजार.कॉम के अनुसार पेट्रोल पंप के लिए जमीन चाहिए, जो कि अगर आपके पास है तो ग्रामीण क्षेत्र में 12-15 लाख रु लगाकर आप पेट्रोल पंप खोल सकते हैं। शहरी क्षेत्र में पेट्रोल पंप की डीलरशिप के लिए 20-25 लाख रु का निवेश करना होगा और वो भी अपनी जमीन के साथ। यानी ग्रामीण इलाकों में शहर से आधी कीमत में ही पेट्रोल पंप खुल सकता है।
नॉन-रिफंडेबल फीस
नॉन-रिफंडेबल फीस भी देनी होगी। ग्रामीण इलाकों में ये एससी-एसटी कैटेगरी के लिए 2500 रु, ओबीसी कैटेगरी के लिए 8000 और अन्य लोकेशनों के लिए 8000 रु है।
अगर आपकी जमीन ब्लैकलिस्टेड या एक्सक्लूडेड जोन में हुई तो आप उस पर पेट्रोल पंप नहीं खोल सकेंगे।
कैसे करें अप्लाई
देश की प्रमुख तीनों सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल पंप डीलरशिप देती हैं। इनमें इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) शामिल हैं। आप इस साइट पर जाकर इन तीनों कंपनियों के डीलरशिप ऑफर की जानकारी ले सकते हैं। यहां आपको रिटेल आउटलेट डीलर के सेलेक्शन की जानकारी भी मिलेगी।
आप चाहें कंपनियों की साइटों पर जाकर भी अप्लाई कर सकते हैं और बाकी जरूरी जानकारी ले सकते हैं। IOCL के लिए आप इस लिंक पर और BPCL के लिए इस लिंक पर विजिट करें।
कैसे होगी कमाई
प्रति लीटर पेट्रोल बिकने पर 2 से 5 रु की कमीशन मिलती है। यही आपकी कमाई होगी। यानी जितनी आपके पेट्रोल पंप पर सेल्स होगी आपको उतना ज्यादा मुनाफा मिलेगा।
ध्यान रहे कि पेट्रोल पंप खोलने के लिए कई सर्टिफिकेट और परमिशन चाहिए। इनमें लोकेशन की सर्टिफाइड कॉपी, लाइसेंसिंग अथॉरिटी से एनओसी, नगर निगम विभाग (एमसीडी) और अग्नि सुरक्षा कार्यालय से मंजूरी के साथ ही कई अन्य अथॉरिटी से सर्टिफिकेशन और एनओसी लेना शामिल हैं।
