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Byju's Rights Issue: बायजू के राइट्स इश्यू पर रोक, अब कंपनी कहां से देगी सैलरी !

Byju's Rights Issue: राइट्स इश्यू के खिलाफ न्यायाधिकरण का रुख करने वाले निवेशकों ने बताया कि बायजू ने 11 मई के पेशकश पत्र के जरिये दूसरा राइट्स इश्यू लाने का प्रस्ताव रखा था। यह निर्गम 13 मई को खुला था और इसे 13 जून को बंद होना था।

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बायजू को झटका

Byju's Rights Issue:राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने शिक्षा प्रौद्योगिकी मंच बायजू का संचालन करने वाली कंपनी थिंक एंड लर्न को 11 मई को शुरू हुए राइट्स इश्यू पर आगे बढ़ने से रोक दिया है। एनसीएलटी ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ के 12 जून को जारी आदेश में बायजू से राइट् इश्यू की पहली किस्त के तहत दो मार्च को शेयर आवंटित किए जाने से पहले और बाद के अपने शेयरधारकों का पूरा ब्योरा देने को कहा है।

इसलिए लगी रोक

राइट्स इश्यू के खिलाफ न्यायाधिकरण का रुख करने वाले निवेशकों ने बताया कि बायजू ने 11 मई के पेशकश पत्र के जरिये दूसरा राइट्स इश्यू लाने का प्रस्ताव रखा था। यह निर्गम 13 मई को खुला था और इसे 13 जून को बंद होना था।एनसीएलटी ने निवेशकों द्वारा दायर मुख्य याचिका के निपटान तक मौजूदा राइट्स इश्यू के मामले में आगे बढ़ने से कंपनी को रोक दिया है।चार निवेशक फर्म- प्रोसस, जनरल अटलांटिक, सोफिना और पीक एक्सवी ने अन्य शेयरधारकों का समर्थन पाकर एनसीएलटी का रुख किया था।

राइट्स इश्यू का पैसा अटकने से सैलरी फंसी

कंपनी ने पिछले महीने वेतन खर्च वहन करने के लिए विभिन्न ऋण जुटाए थे, क्योंकि वह फरवरी में राइट्स के जरिए जुटाई गई 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि का इस्तेमाल नहीं कर पाई थी।चार निवेशकों प्रोसस, जनरल अटलांटिक, सोफिना और पीक XV के एक समूह ने टाइगर और आउल वेंचर्स सहित अन्य शेयरधारकों के समर्थन के साथ कंपनी प्रबंधन तथा राइट्स इश्यू के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) का रुख किया।कंपनी के संस्थापकों को पिछले साल कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए ऋण जुटाने हेतु अपना घर गिरवी रखना पड़ा था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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