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Infosys GST Notice: इंफोसिस के सपोर्ट में नैसकॉम, बोला-कई कंपनियां कर रहीं अनचाहे मुकदमों और अनिश्चितता का सामना

Infosys GST Notice: (IT) कंपनियों के शीर्ष संगठन नैसकॉम ने कहा है कि कई कंपनियां निवेशकों और ग्राहकों की तरफ से मुकदमेबाजी, अनिश्चितता और चिंताओं का सामना कर रही हैं। इन्फोसिस को 32,403 करोड़ रुपये का माल एवं सेवा कर (जीएसटी) नोटिस मिला है।

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इंफोसिस के सपोर्ट में नैसकॉम

Photo : BCCL

Infosys GST Notice:सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनियों का शीर्ष संगठन नैसकॉम बृहस्पतिवार को इन्फोसिस के समर्थन में खुलकर सामने आया। उसने इन्फोसिस को 32,403 करोड़ रुपये का माल एवं सेवा कर (GST) नोटिस भेजे जाने पर कहा कि यह कदम उद्योग के ऑपरेशन मॉडल से जुड़ी समझ की कमी को दर्शाता है।सॉफ्टवेयर एवं सेवा कंपनियों के संगठन नैसकॉम ने बयान में कहा कि हालिया कर मांग आईटी क्षेत्र से जुड़े व्यापक मुद्दों को रेखांकित करती है जिसकी वजह से कई कंपनियों को अनचाहे मुकदमों और अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

Nasscom ने उठाए सवाल

उद्योग निकाय ने इन्फोसिस का नाम न लेते हुए कहा, ‘‘320 अरब रुपये से अधिक की जीएसटी मांग की हालिया मीडिया रिपोर्ट उद्योग के परिचालन मॉडल के बारे में समझ की कमी को दर्शाती है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने वर्ष 2017 से शुरू होने वाले पांच वर्षों के लिए इन्फोसिस को अपनी विदेशी शाखाओं से मिली सेवाओं के एवज में 32,403 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है। यह कर नोटिस पूर्व-प्रभाव वाली व्यवस्था (आरसीएम) के आधार पर भेजा गया है।हालांकि, दिग्गज आईटी कंपनी ने इसे ‘पूर्व-कारण बताओ’ नोटिस बताते हुए कहा है कि उसके हिसाब से इन खर्चों पर जीएसटी लागू नहीं होता है।

नैसकॉम ने दलील दी है कि जीएसटी अधिकारी ऐसे मामलों में कंपनी के भारतीय मुख्यालय द्वारा अपनी विदेशी शाखाओं को भेजे गए धन पर नोटिस जारी कर रहे हैं। लेकिन अधिकारी इस बात को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं कि यह शाखा से मुख्यालय द्वारा ‘सेवा के आयात’ का मामला नहीं है।नैसकॉम ने कहा, यह कोई नई समस्या नहीं है, और अदालतें इन मामलों में उद्योग के पक्ष में फ़ैसला देती रही हैं। यह मुद्दा पूर्ववर्ती सेवा कर कानून के दौरान भी आया था, जिसमें सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (सीईएसटीएटी) ने अनुकूल निर्णय दिए थे।इसके साथ ही नैसकॉम ने इस बात पर अफसोस जताया कि कई कंपनियां निवेशकों और ग्राहकों की तरफ से मुकदमेबाजी, अनिश्चितता और चिंताओं का सामना कर रही हैं।

इंफोसिस ने क्या कहा था

बेंगलुरु मुख्यालय स्थित इन्फोसिस ने बुधवार को कहा था कि कर्नाटक राज्य जीएसटी अधिकारियों ने उसके विदेशी शाखा कार्यालयों द्वारा किए गए खर्चों पर जुलाई, 2017 से मार्च, 2022 की अवधि के लिए 32,403 करोड़ रुपये के जीएसटी भुगतान का नोटिस जारी किया है।

कंपनी ने इस नोटिस का जवाब दिया है। कंपनी को इसी मामले पर जीएसटी आसूचना के महानिदेशक से भी कारण बताओ नोटिस मिला है और कंपनी इसका जवाब देने की प्रक्रिया में है।इन्फोसिस ने दलील दी है कि नियमों के हिसाब से विदेशी शाखा वाली इकाइयों के खर्चों पर जीएसटी की देनदारी नहीं बनती है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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