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Multibagger : 22 दिन में पैसा डबल! ₹360 का हुआ ₹155 का शेयर, 5 दिन में 54% भागा

13 अप्रैल से इस शेयर में लगातार अपर सर्किट लग रहा है। 22 अप्रैल को भी 5% का अपर सर्किट हिट करने के बाद ₹361 पर बंद हुआ। इस महीने शेयर 155 रुपये से उछलकर ₹361 तक पहुंच गया है।

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वारी टेक्नोलॉजी में जोरदार तेजी

Multibagger Waaree Technologies Share : वारी ग्रुप के इस शेयर ने बाजार में धमाल मचाया हुआ है। 13 अप्रैल से लगातार अपर सर्किट लग रहा है। बुधवार 22 अप्रैल को भी यह 5 फीसदी उछलकर अपर सर्किट हिट करने के बाद ₹361 पर बंद हुआ है। पहले यह शेयर 13 रुपये से 2000 रुपये तक पहुंचा। फिर 131 रुपये तक फिसल गया, जहां से फिर नई रैली शुरू हुई है और अब 361 तक पहुंच गया है। वहीं, इस महीने शेयर यह शेयर 155 रुपये से उछलकर 361 तक पहुंचा है।

22 दिन में पैसा डबल

Waaree Technologies Share Price 2 अप्रैल को 155 रुपये का था, जो आज 22 अप्रैल को बढ़कर 361 रुपये का हो गया। इस तरह अप्रैल के 22 दिनों में ही इस शेयर ने 100% से ज्यादा की ग्रोथ दी है। अगर अप्रैल की शुरुआत में किसी ने इसमें 1 लाख रुपये का निवेश किया होता, तो आज उस निवेश की वैल्यू 2 लाख रुपये से ज्यादा हो गई होती।

हर दिन लग रहा अपर सर्किट

इस शेयर में पिछले कुछ दिनों से जबरदस्त खरीदारी देखने को मिल रही है। बीते 5 कारोबारी सत्रों में इसमें करीब 54% की तेजी आई है। खास बात यह है कि 13 अप्रैल से लगातार इसमें अपर सर्किट लग रहा है और 22 अप्रैल को भी यह 5% चढ़कर 361 रुपये पर बंद हुआ।

लॉन्ग टर्म में रोलर-कोस्टर सफर

Waaree Technologies का शेयर पहले 13 रुपये से उछलकर 2000 रुपये तक गया था। इसके बाद इसमें भारी गिरावट आई और यह 131 रुपये तक फिसल गया। अब एक बार फिर इसमें नई तेजी देखने को मिल रही है, जिसने ट्रेडर्स का ध्यान खींचा है।

कंपनी का बिजनेस क्या है?

कंपनी बैटरी, ई-व्हीकल्स और एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस के कारोबार में सक्रिय है। यह खासतौर पर लिथियम आयरन फॉस्फेट (LiFePO4) बैटरियों के जरिए EV, सोलर और टेलीकॉम सेक्टर को सेवाएं देती है। Waaree ग्रुप का हिस्सा होने के कारण इसे रिन्यूएबल एनर्जी थीम का फायदा मिलता है।

Waaree Technologies Snapshot

एक नजर में देखें वारी टेक्नोलॉजी का पूरा हाल

फंडामेंटल्स दे रहे चेतावनी

तेजी के बावजूद कंपनी के फंडामेंटल्स काफी कमजोर नजर आते हैं। कंपनी पिछले कई सालों से घाटे में चल रही है और इसका ROE करीब -600% के आसपास है। ऑपरेटिंग मार्जिन भी नेगेटिव है और कैश फ्लो अस्थिर रहा है। इस तरह की तेजी आमतौर पर लो-फ्लोट और स्मॉलकैप शेयरों में देखने को मिलती है, जहां कम वॉल्यूम में भी कीमत तेजी से ऊपर जाती है। हालांकि, कमजोर वित्तीय स्थिति वाले शेयरों में इस तरह की रैली जोखिम भी बढ़ाती है। तेजी का फायदा शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को मिल सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए फंडामेंटल्स पर नजर रखना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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