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MRF इस राज्य में स्थापित करेगी नया प्लांट, 5300 करोड़ रुपये होगा निवेश, लोगों को ये फायदा

MRF News: टायर उद्योग की प्रमुख कंपनी एमआरएफ लिमिटेड ने तमिलनाडु सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत कंपनी अगले 12 वर्षों में राज्य में नया टायर निर्माण प्लांट स्थापित करेगी और इस प्रोजेक्ट में कुल 5,300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कदम राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद करेगा।

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एमआरएफ ने तमिलनाडु में नए टायर प्लांट के लिए 5,300 करोड़ रुपये निवेश का किया वादा (तस्वीर- mrftyres)

MRF News: टायर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एमआरएफ लिमिटेड (MRF Limited) ने तमिलनाडु सरकार के साथ बुधवार (4 मार्च 2026) को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कंपनी अगले 12 वर्षों में राज्य में 5,300 करोड़ रुपये का निवेश करके एक नया टायर उत्पादन प्लांट स्थापित करेगी। यह कदम न केवल कंपनी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।

शिवगंगा में स्थापित होगा नया प्लांट

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज में बताया गया है कि नया प्लांट शिवगंगा जिले के सिपकॉट औद्योगिक पार्क में बनाया जाएगा। यह क्षेत्र पहले से ही विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के लिए जाना जाता है, और अब एमआरएफ के आने से इसकी औद्योगिक गतिविधियों में और वृद्धि होगी। इस परियोजना से अनुमानित तौर पर करीब 1,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की उपस्थिति में हुआ दस्तावेजों का आदान-प्रदान

समझौते के हस्ताक्षर समारोह का आयोजन सचिवालय में किया गया, जिसमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की उपस्थिति रही। इस अवसर पर उद्योग मंत्री टीआरबी राजा और अन्य सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने इस निवेश को राज्य के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि एमआरएफ का यह कदम स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और नई तकनीकी क्षमता लाने वाला है।

एमआरएफ का बयान और योजना

चेन्नई स्थित मुख्यालय वाली एमआरएफ ने शेयर बाजार को सूचित किया कि कंपनी ने वाहन टायर और संबंधित उत्पादों के निर्माण के लिए राज्य सरकार की नोडल एजेंसी ’गाइडेंस’ के साथ एक गैर-बाध्यकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने कहा कि यह नया प्लांट उनकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और आधुनिक तकनीक के साथ नए उत्पाद विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कंपनी ने यह भी बताया कि यह परियोजना धीरे-धीरे पूरे 12 साल में पूरी की जाएगी। इसका उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि अनुसंधान और विकास (R&D) को भी प्रोत्साहित करना है। नए संयंत्र में उच्च तकनीकी मशीनों और स्वचालित प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में एमआरएफ की स्थिति मजबूत होगी।

रोजगार और स्थानीय विकास पर प्रभाव

इस नए प्लांट से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि इसके आसपास के छोटे और मध्यम उद्योगों को भी फायदा होगा। यह प्लाटं आपूर्ति सीरीज, परिवहन, और स्थानीय सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही, यह निवेश राज्य की औद्योगिक छवि को भी मजबूत करेगा और तमिलनाडु को भारत में टायर और वाहन संबंधित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेगा।

भविष्य की योजनाएं

एमआरएफ ने यह स्पष्ट किया है कि वह न केवल उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है, बल्कि पर्यावरण और सतत विकास (sustainable development) को भी ध्यान में रखेगी। नए प्लांट में ऊर्जा की बचत और प्रदूषण नियंत्रण उपायों को महत्व दिया जाएगा। कंपनी ने बताया कि यह निवेश उनके दीर्घकालिक विकास की रणनीति का हिस्सा है और इससे राज्य और कंपनी दोनों को लाभ होगा। इस तरह, एमआरएफ का तमिलनाडु में नया टायर प्लांट राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। यह निवेश न केवल रोजगार के अवसर लाएगा, बल्कि क्षेत्रीय औद्योगिक ढांचे को भी मजबूत करेगा और कंपनी को प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में और अधिक सशक्त बनाएगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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