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आ गया प्रोटीन से भरा दूध, दिल्ली-NCR में मदर डेयरी ने किया लॉन्च; ‘प्रोमिल्क' के लिए चुकाने होंगे इतने दाम

मदर डेयरी ने दिल्ली-एनसीआर में उच्च प्रोटीनयुक्त दूध ‘प्रोमिल्क' लॉन्च किया है। ऑफलाइन और ऑनलाइन रिटेल शॉप के जरिए से 500 मिली और एक लीटर की पैकेजिंग में उपलब्ध होगा।

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मदर डेयरी ‘प्रोमिल्क'

Mother Dairy Promilk: मदर डेयरी ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में देश की प्रोटीन की कमी वाली आबादी को लक्षित करते हुए 70 रुपये प्रति लीटर की कीमत वाला प्रोटीन युक्त दूध उत्पाद ‘प्रोमिल्क’ पेश किया है। नए गाय के दूध के उत्पाद में प्रति लीटर 40 ग्राम प्रोटीन, चार प्रतिशत वसा और 11.5 प्रतिशत ठोस-वसा-नहीं (SNF) है, और यह विटामिन ए और डी से भरपूर है। यह गुरुवार से ऑफलाइन और ऑनलाइन खुदरा दुकानों के माध्यम से 500 मिली और एक लीटर की पैकेजिंग में उपलब्ध होगा।

30 प्रतिशत अधिक प्रोटीन होने का दावा

कंपनी के प्रबंध निदेशक मनीष बंदलिश ने कहा कि उत्पाद का उद्देश्य पोषण संबंधी चुनौतियों का समाधान करना है। पेशकश के मौके पर एक आयोजन के दौरान बंदलिश ने कहा, ‘‘प्रोटीन, संतुलित आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रोमिल्क, मानक दूध की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक प्रोटीन प्रदान करता है, जो परिचित स्वाद को बनाए रखते हुए एक सुविधाजनक पोषण समाधान प्रदान करता है।

कंपनी का प्रारंभिक लक्ष्य प्रतिदिन 50,000 लीटर का है और शुरुआती बाजार प्रतिक्रिया के आधार पर दिल्ली-एनसीआर से आगे विस्तार करने की योजना है। मदर डेयरी तीन महीने के भीतर दही और पनीर जैसे अतिरिक्त 'प्रो' रेंज उत्पाद भी पेश करने का इरादा रखती है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की अनुषंगी कंपनी मदर डेयरी 12 राज्यों के 10 लाख किसानों से दूध एकत्र करती है और देश भर में चार लाख खुदरा दुकानों का संचालन करती है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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