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भारत में ये कंपनी देती है सबसे सस्ता दूध,दूसरों के मुकाबले 15 रुपये तक कम है कीमत

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Apr 11, 2023, 02:38 PM IST

Most cheapest Milk in India: कर्नाटक में KMF से जुड़े किसानों को साल 2008 से सब्सिडी मिल रही है। इसकी शुरुआता भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीएस. येद्दियुरप्पा ने की थी। उनकी सरकार ने किसानों को 2 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी देने की फैसला किया था।

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अमूल बनाम नंदिनी की गरमाई सियासत

Most cheapest Milk in India: अमूल के बेंगलुरु में एंट्री के ऐलान से खड़ा हुआ विवाद अब चुनावी मुद्दा बन चुका है। कर्नाटक में नंदिनी ब्रांड को बचाने की सियासत भी शुरू हो चुकी है। लेकिन इस विवाद के बीच नंदिनी ब्रांड का बिजनेस मॉडल भी चर्चा बना हुआ है। जिसकी वजह से डेयरी सेक्टर के एक्सपर्ट का मानना है कि भले ही अमूल ब्रांड नाम से कारोबार करने वाला गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन (GCMMF) देश का सबसे बड़ा डेयरी कोऑपरेटिव है। लेकिन उसके लिए कीमतों के फ्रंट पर नंदिनी का मुकाबला करना आसान नहीं है। असल में नंदिनी ब्रांड से कारोबार करने वाली कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) कर्नाटक में दूसरे राज्यों की तुलना में 12-15 रुपये सस्ता दूध बेचती है। और इसी कारण यह कंपनी भारत में सस्ता दूध बेचती हैं।

क्या है रेट

नेशनल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार स्टैण्डर्ड दूध (जिसमें 4.5 फीसदी फैट ) की विभिन्न राज्यों में कंज्यूमर प्राइस (CCP) 51-64 रुपये के बीच है। जबकि कर्नाटक मिल्क फेडरेशन से जुड़ी हुई कोऑपरेटिव का सीसीपी 43-45 रुपये है। इसके अलावा कर्नाटक में राज्य सरकार नंदिन ब्रांड पर प्रति लीटर 6 रुपये की सब्सिडी भी देती है। ऐसे में वहां पर एक लीटर टोन्ड दूध की कीमत 39 रुपये प्रति लीटर है। जबकि दूसरे राज्यों में अमूल 52 से 54 रुपये पर बिक्री कर रही है। इसी तरह मदर डेयरी दिल्ली में 53 रुपये के रेट पर एक लीट टोन्ड दूध बेच रही है।

राज्यदूध की CCP (औसत)
यूपी58-60
बिहार51
छत्तीसगढ़60
मध्य प्रदेश58
राजस्थान54-60
हरियाणा60
गुजरात52-58
हिमाचल प्रदेश60
कर्नाटक43-46
महाराष्ट्र58-62
Source: नेशनल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड

15 साल से मिल रही है सब्सिडी

कर्नाटक में KMF से जुड़े किसानों को साल 2008 से सब्सिडी दे रही है। इसकी शुरुआता भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीएस. येद्दियुरप्पा ने की थी। उनकी सरकार ने किसानों को 2 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी देने की फैसला किया था। इसके बाद 2013 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सिद्धारमैया सरकार ने इसे बढ़ाकर पहले 4 रुपये लीटर, फिर 2016 में 5 रुपये लीटर कर दिया। जिसके एक बार फिर सत्ता में आने के बाद येद्दियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार ने 6 रुपये कर दिया ।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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