IMD Monsoon Forecast 2023 : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस साल 86.86 सेमी के लॉन्ग पीरियड एवरेज या एलपीए (+/- 5% की मॉडल एरर के साथ) के 96 फीसदी की "सामान्य" मानसून वर्षा की उम्मीद जताई है। बता दें कि एलपीए 1971 और 2020 के बीच की औसत बारिश है। मंगलवार को अल नीनो के निगेटिव प्रभाव के बेअसर होने की उम्मीद है। हिंद महासागर द्विध्रुव और उत्तरी गोलार्ध पर कम बर्फ पड़ने से इसमें मदद मिल सकती है। आपके इलाके में इस साल कैसी रहेगी बारिश, ये आगे जानिए।
कहां होगी सामान्य से अधिक बारिश
जिन राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश होगी, उन्हें आईएमडी ने नीचे दिए गए में नीले रंग में रखा है। इनमें लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, पंजाब और यूपी के कुछ इलाके, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भी यही हाल रह सकता है। मिजोरम में भी सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।

आईएमडी ने कहा कि इस साल सामान्य मानसून रह सकता है
इन राज्यों में होगी सामान्य बारिश
जिन राज्यों में सामान्य बारिश रह सकती है, उनकी संख्या कम है। इसमें लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाके, महाराष्ट्र के कुछ इलाके, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ जिले और कुछ जिले तमिलनाडु के शामिल हैं। वहीं ओडिशा, मणिपुर और यूपी के कुछ क्षेत्रों में भी सामान्य बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में होगी सामान्य से कम बारिश
जिन क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है, उनकी संख्या सबसे अधिक है। पूरे मानचित्र में पीले रंग में कई क्षेत्र दिख रहे हैं, जिसका मतलब है कि वहां सामान्य से कम बारिश की संभावना है। इनमें लद्दाख का कुछ हिस्सा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और यूपी के कुछ इलाके शामिल हैं। इसके अलावा मैप में आपको कुछ पीले क्षेत्र जिन राज्यों में दिख जाएंगे, उनमें पश्चिम बंगाल, आसाम, मिजोरम और मेघालय शामिल हैं। इस बीच प्राइवेट फोरकास्टर स्काईमेट वेदर ने जून और सितंबर के बीच भारत में मानसून सीजन के दौरान "सामान्य से कम" बारिश की भविष्यवाणी की है। इसने इसके लिए मजबूत अल नीनो का हवाला दिया है।
