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शेयर बाजार की मंदी में 'संजीवनी' है मोमेंटम इन्वेस्टिंग, जानिए वो सीक्रेट जो नुकसान से बचाएगा

शेयर बाजार ने 2026 में निवेशकों को भारी नुकसान कराया है। ईरान युद्ध के चलते सबसे अधिक नुकसान छोटे शेयर बाजार निवेशकों को हुआ है।

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शेयर बाजार (AI Image)

ईरान युद्ध के चलते दुनियाभर के साथ भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट है। इससे निवेशकों को भारी नुकसान हो रहा है। साल 2025 के बाद 2026 में भी बाजार ने निवेशकों को निराश किया है। कोरोना महामारी के बाद शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों को समझ में नहीं आ रहा कि वो क्या करें? अगर आप भी स्टॉक मार्केट में पैसा लगाते हैं और इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो आइए जानत हैं कि इस मुद्दे पर Definedge Securities के CEO, प्रशांत शाह क्या सलाह दे रहे हैं।

बुल रन के बाद अब मंदी का दौर

कोरोना महामारी के बाद पिछले 4 सालों में बाजार ने शानदार तेजी देखी है, लेकिन अब युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के कारण अत्यधिक उतार-चढ़ाव (Volatility) का दौर है। विशेषज्ञ का मानना है कि निफ्टी ने एक 'इम्पोर्टेंट बॉटम' (महत्वपूर्ण निचला स्तर) बना लिया है। हालांकि बाजार 20,000 तक गिर सकता है, लेकिन मध्यम अवधि में यह 24,000 की ओर उछाल (Bounce) मार सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि यह वर्तमान में 'ट्रेडर्स मार्केट' है, न कि निवेशकों का, क्योंकि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

'मोमेंटम इन्वेस्टिंग' और ETF से बनेगा पैसा

मौजूदा बाजार में पैसा बनाने का 'मोमेंटम इन्वेस्टिंग' और ETF पैसा बनाने का बेस्ट तरीका है। मोमेंटम इन्वेस्टिंग का सीधा सा सिद्धांत है कि जो तेजी से भाग रहा है, उसे पकड़ो। भौतिकी (Physics) की तरह शेयर बाजार में भी मोमेंटम काम करता है। अगर कोई स्टॉक या इंडेक्स ऊपर जा रहा है, तो अधिक संभावना है कि वह कुछ समय तक ऊपर ही जाता रहेगा।

  1. रणनीति: आप उन स्टॉक्स को चुनते हैं जिन्होंने पिछले 6 या 12 महीनों में बाकी बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है।
  2. नियम: जब स्टॉक का मोमेंटम कम होने लगे, तो उसे बेचकर अगले 'तेज दौड़ने वाले' स्टॉक में पैसा लगा दिया जाता है।
  3. फायदा: यह आपको उन स्टॉक्स में निवेशित रखता है जो वर्तमान में 'ट्रेंड' में हैं।

ETF में निवेश पर जोखिम कम

एक आम निवेशक के लिए सीधे स्टॉक चुनना जोखिम भरा हो सकता है। यहीं ETF काम आता है। ETF एक 'टोकरी' की तरह है जिसमें कई स्टॉक्स होते हैं, और इसे आप शेयर की तरह ही बाजार में खरीद-बेच सकते हैं। म्यूचुअल फंड की तुलना में इनका 'एक्सपेंस रेशियो' (मैनेजमेंट फीस) बहुत कम होता है। वहीं, एक ही ETF खरीदने से आपका पैसा निफ्टी 50, गोल्ड, या आईटी सेक्टर की सभी बड़ी कंपनियों में बंट जाता है। इसे आप बाजार खुलने के दौरान कभी भी बेचकर पैसा निकाल सकते हैं।

रिटेल निवेशकों क्या करें?

ईरान युद्ध के बाद बाजार में आई बिकवाली से छोटे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, इससे घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में गिरावट आई है, उनके पास फिलहाल “वेट एंड वॉच” के अलावा कोई विकल्प नहीं है। बाजार में फिर तेजी लौटेगी। अगर आप म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश कर रहे हैं, तो अनुशासन के साथ SIP जारी रखें। लंबे समय में रिटर्न संतुलित हो जाते हैं। 99% रिटेल निवेशक इसलिए नुकसान उठाते हैं क्योंकि उनके पास या तो रणनीति नहीं होती, या वे उसे अनुशासन से फॉलो नहीं करते।

वेल्थ क्रिएशन का फॉर्मूला क्या है?

शेयर बाजार में पैसा बनाने के लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है, बल्कि सही टूल, थोड़ा सा ज्ञान और अनुशासन चाहिए। अगर कोई निवेशक अनुशासित निवेश करता है और लंबे समय तक बाजार में बना रहता है तो वह आसानी से वेल्थ क्रिएट कर सकता है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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