Mini Silicon Valley: कॉमर्स एवं इंडस्ट्री मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार (8 नवंबर 2024) को कहा कि केंद्र सरकार गोवा सरकार के साथ मिलकर डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सुविधाओं समेत हाइटेक इंडस्ट्रीज को आकर्षित करने के लिए एक ढांचा तैयार करेगी, जिसका उद्देश्य गोवा में "मिनी सिलिकॉन वैली" स्थापित करना है। अमेजिंग गोवा ग्लोबल बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस ढांचे में हम गोवा को डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और विकास और हाई लेवल इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में विकसित करने की कल्पना करते हैं।
गोयल ने गोवा में बहुराष्ट्रीय निगमों के वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCCs) के लिए एक मिनी हब बनाने की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डेटा भंडारण क्षमता, बुनियादी ढांचे और हाई क्वालिटी लाइफ के साथ, मुझे विश्वास है कि गोवा एक ऐसा बिजनेस सेंटर बनकर उभरेगा, जिससे दुनिया को जलन होगी।
सितंबर में गोयल ने उद्यमियों, स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और डिसरप्टर्स को समर्पित एक नई टाउनशिप का प्रस्ताव रखा, जिसे भारत की सिलिकॉन वैली के रूप में देखा गया। उन्होंने भारत की वर्तमान टैक्नोलॉजी राजधानी के रूप में बेंगलुरु की भूमिका को स्वीकार किया, लेकिन उभरते बिजनेस के लिए एक केंद्रित सहायता क्षेत्र स्थापित करने के लिए नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन (NICDC) के साथ साझेदारी का सुझाव दिया।
NICDC एक सरकारी ईकाई है। यह भारत के प्रमुख कोरिडोर में 20 स्मार्ट औद्योगिक शहर बनाने के लिए जिम्मेदार है, जिसमें अगस्त में 12 शहरों के लिए कैबिनेट की मंजूरी दी गई थी। मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस भी हुई थी, जिसमें कर्नाटक के कांग्रेस सरकार के उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने कहा था कि बेंगलुरु एक दिन में नहीं बना; शहर को बनाने में दशकों, सदियों लग गए। आप सड़कें और बुनियादी ढांचा बना सकते हैं, लेकिन इकोसिस्टम बनाने में दशकों लगते हैं।
बाद में गोयल ने बेंगलुरू के कारोबारी माहौल की कर्नाटक द्वारा कथित उपेक्षा की आलोचना की तथा सुझाव दिया कि राज्य को तुमकुरु औद्योगिक टाउनशिप जो 12 स्वीकृत स्मार्ट शहरों में से एक है। उसको सिलिकॉन वैली जैसे सेंटर में बदलने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
