AI की पहुंच होगी आसान, दशक के अंत तक माइक्रोसॉफ्ट करेगा 50 अरब डॉलर का बड़ा निवेश
- Edited by: गौरव तिवारी
- Updated Feb 18, 2026, 07:01 PM IST
कंपनी ने कहा, 'दशक के अंत तक 50 अरब डॉलर का यह निवेश पांच स्तंभों- बुनियादी ढांचा, कौशल विकास, बहुभाषी एआई, स्थानीय नवाचार और एआई अपनाने के मापन पर केंद्रित कार्यक्रम के तहत किया जाएगा।'
टेक जायंट लोगों तक एआई की पहुंच आसान बनाने के लिए उठा रही है कई बड़े कदम।(फोटो क्रेडिट-iStock)
दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने विकसित देशों के मुकाबले ’वैश्विक दक्षिण’ के देशों में कृत्रिम मेधा (एआई) की पहुंच आधी होने का जिक्र करते हुए बुधवार को कहा कि वह दशक के अंत तक इस फासले को दूर करने के लिए 50 अरब डॉलर का निवेश करने की राह पर है। माइक्रोसॉफ्ट की वाइस चेयर एवं अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ और उपाध्यक्ष एवं एआई प्रभारी नताशा क्रैम्पटन ने यहां आयोजित ’इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन’ में इस निवेश योजना की घोषणा करते हुए कहा कि ’वैश्विक उत्तर’ (विकसित देश) और ’वैश्विक दक्षिण’ (विकासशील देश) के बीच ’एआई खाई’ पैदा होने से आर्थिक असमानताएं और गहरी हो सकती हैं।
माइक्रोसॉफ्ट की नई ’एआई डिफ्यूजन रिपोर्ट’ के मुताबिक, एआई का असमान उपयोग विकासशील क्षेत्रों में आर्थिक वृद्धि और अवसरों को सीमित कर सकता है। कंपनी ने कहा, ’’दशक के अंत तक 50 अरब डॉलर का यह निवेश पांच स्तंभों- बुनियादी ढांचा, कौशल विकास, बहुभाषी एआई, स्थानीय नवाचार और एआई अपनाने के मापन पर केंद्रित कार्यक्रम के तहत किया जाएगा।’’
कंपनी ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में उसने वैश्विक दक्षिण को सेवाएं देने वाले डेटा सेंटर अवसंरचना में आठ अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया जिसमें भारत, मेक्सिको तथा अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और पश्चिम एशिया के देश शामिल हैं।
25 करोड़ वंचित लोगों तक इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य
माइक्रोसॉफ्ट ने 25 करोड़ वंचित लोगों तक इंटरनेट पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य रखा है जिनमें 10 करोड़ अफ्रीका में हैं। कंपनी साझेदारियों के जरिये अफ्रीका में 11.7 करोड़ लोगों तक पहले ही पहुंच बना चुकी है। कौशल विकास के तहत कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में क्लाउड, एआई और डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर दो अरब डॉलर से अधिक खर्च किए।
’माइक्रोसॉफ्ट एलिवेट’ पहल के तहत 2028 तक दो करोड़ लोगों को एआई प्रमाणन दिलाने का लक्ष्य है। भारत में 2025 में 56 लाख लोगों को प्रशिक्षित करने के बाद 2030 तक दो करोड़ भारतीयों को एआई कौशल से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है।
भाषा का अवरोध प्रसार में बड़ी बाधा
सम्मेलन में ’एलिवेट फॉर एजुकेटर्स’ कार्यक्रम की भी घोषणा की गई जिसके तहत दो लाख से अधिक संस्थानों के 20 लाख शिक्षकों की एआई क्षमता सुदृढ़ करने और 80 लाख छात्रों तक पहुंच बढ़ाने की योजना है। कंपनी ने कहा कि भाषाई अवरोध एआई के प्रसार में बड़ी बाधा है लिहाजा बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक एआई प्रणालियों में निवेश बढ़ाया जा रहा है। साथ ही भारतीय संस्थानों के साथ मिलकर सामुदायिक-आधारित एआई मूल्यांकन उपकरण भी विकसित किए जा रहे हैं।
डेवलपर पारिस्थितिकी तंत्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि भारत का 2.4 करोड़ डेवलपर का समुदाय ’गिटहब’ पर दूसरा सबसे बड़ा और शीर्ष 30 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला है। इसकी वार्षिक वृद्धि दर 2020 से ही 26 प्रतिशत से अधिक है।
(इनपुट-भाषा)
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