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MCX पर गोल्ड-सिल्वर में जोरदार उछाल, बेस मेटल्स में भी मजबूत रिकवरी; निवेश पर क्या है एक्सपर्ट की राय?

MCX कमोडिटी बाजार में 18 फरवरी की ओपनिंग मजबूती के साथ हुई। गोल्ड और सिल्वर में तेज रिकवरी देखने को मिली, जबकि कॉपर और निकेल समेत बेस मेटल्स में भी खरीदारी लौटी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह रिकवरी है, लेकिन बाजार अब भी उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है।

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कमोडिटी मार्केट में क्या हो रणनीति

Photo : ET NOW SWADESH Digital

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार 18 फरवरी को बुलियन और बेस मेटल्स में खरीदारी देखने को मिल रही है। इससे पहले 17 फरवरी को बाजार की क्लोजिंग मिलीजुली रही। सिल्वर में हल्की बढ़त दर्ज हुई, जबकि गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट्स दबाव में बंद हुए। कॉपर, क्रूड ऑयल और निकेल में सीमित मजबूती रही, लेकिन बुलियन सेगमेंट में निवेशक सतर्क दिखे। MCX बुलडेक्स इंडेक्स में भी कमजोरी रही, जिससे संकेत मिला कि व्यापक स्तर पर निवेशक जोखिम लेने से बच रहे थे। वहीं, एक्सपर्ट्स की राय को देखें तो बुलियन और बेस मेटल्स में फिलहाल सावधानी बरतने और तेजी पर मुनाफावसूली की रणनीति को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि एनर्जी सेगमेंट में सीमित रिकवरी की संभावना के साथ वोलैटिलिटी जारी रहने के संकेत दिए जा रहे हैं।

कैसा शुरु हुआ कारोबार?

आज सुबह MCX पर बुलियन सेगमेंट ने बाजार की अगुवाई की। सिल्वर करीब 2% उछलकर दिन का टॉप गेनर बना। गोल्ड अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट में 1% से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई, जबकि गोल्ड मिनी, गोल्ड टेन और गोल्ड पेटल में भी करीब 1% की मजबूती रही। बेस मेटल्स में भी रिकवरी दिखी और कॉपर, निकेल, जिंक और एल्यूमिनियम सभी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। क्रूड ऑयल में भी हल्की मजबूती रही, जबकि नेचुरल गैस मामूली गिरावट में दिखी।

कमोडिटीएक्सपायरीभाव (₹)बदलाव (₹)% बदलाव
सिल्वर05 MAR 20262,33,355+4,572+2.00%
गोल्ड02 APR 20261,52,947+1,529+1.01%
गोल्ड मिनी05 MAR 20261,50,891+1,400+0.94%
गोल्ड टेन27 FEB 20261,52,851+1,334+0.88%
गोल्ड गिनी27 FEB 20261,24,931+973+0.78%
कॉपर27 FEB 20261,159.00+8.10+0.70%
निकेल18 MAR 20261,534.90+10.10+0.66%
जिंक27 FEB 2026320.65+1.55+0.49%
क्रूड ऑयल19 MAR 20265,680.00+18.00+0.32%
एल्यूमिनियम27 FEB 2026304.70+0.90+0.30%
लेड27 FEB 2026187.35+0.30+0.16%
नेचुरल गैस26 MAR 2026267.70-0.90-0.34%

गोल्ड-सिल्वर पर एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं

कमोडिटी एक्सपर्ट मनोज कुमार जैन का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में रिकवरी और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम के चलते सुरक्षित निवेश की मांग कमजोर हुई थी, जिससे गोल्ड-सिल्वर दबाव में आए। हालांकि बाजार अब भी सीमित दायरे में रह सकता है और वोलैटिलिटी बनी रह सकती है। वहीं, एंजल वन के तेजस शिग्रेकर के अनुसार, हालिया गिरावट के बाद आई तेजी को शॉर्ट कवरिंग माना जा सकता है और उछाल पर मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। वहीं राकेश खन्ना का भी मानना है कि गोल्ड-सिल्वर में फिलहाल तेजी पर बिकवाली की रणनीति सुरक्षित रह सकती है।

एनर्जी और बेस मेटल्स पर नजर जरूरी

एनर्जी सेगमेंट में कच्चे तेल की दिशा अब भी ओपेक प्लस की उत्पादन रणनीति और यूएस-ईरान वार्ता पर निर्भर है। वहीं बेस मेटल्स में चीन की मांग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे रिकवरी टिकाऊ होगी या नहीं, यह आने वाले सत्रों में साफ होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब बाजार की नजर डॉलर इंडेक्स, वैश्विक मांग संकेतों और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम पर रहेगी। फिलहाल बाजार में रिकवरी जरूर दिखी है, लेकिन ट्रेडर्स सतर्क रणनीति के साथ आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।

एक्सपर्ट व्यू: किस कमोडिटी पर किसकी क्या राय

पृथ्वी फिनमार्ट : पृथ्वी फिनमार्ट के डायरेक्टर हेड कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च मनोज कुमार जैन के मुताबिक डॉलर इंडेक्स में रिकवरी और अमेरिका-ईरान वार्ता के चलते सुरक्षित निवेश की मांग कमजोर पड़ी है, जिससे गोल्ड और सिल्वर दबाव में आए हैं। उनका मानना है कि फिलहाल बुलियन बाजार सीमित दायरे में रह सकता है और इस सप्ताह अंडरटोन थोड़ा कमजोर दिख रहा है। उन्होंने गोल्ड में फ्यूचर्स के बजाय ऑप्शन स्ट्रेटजी अपनाने की सलाह दी है। एनर्जी सेगमेंट पर उनकी राय है कि नेचुरल गैस में 304 के स्तर के नीचे खरीदारी से बचना चाहिए और उछाल पर बिकवाली बेहतर रणनीति हो सकती है। कच्चे तेल में भी उन्होंने इंट्राडे में बिकवाली की रणनीति सुझाई और कहा कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के आधार पर कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव संभव है। वहीं, बेस मेटल्स में उन्होंने खासतौर पर जिंक में बिकवाली की रणनीति सुझाई और कहा कि कीमतों में फिलहाल दबाव बना रह सकता है।

एंजल वन: एंजल वन के चीफ टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, कमोडिटीज एंड करेंसीज तेजस अनिल शिग्रेकर के मुताबिक गोल्ड और सिल्वर में हालिया गिरावट तेज रैली के बाद आई करेक्शन का हिस्सा है। उनका कहना है कि फिलहाल बाजार में तेजी पर बिकवाली की रणनीति बेहतर है और आने वाले सत्रों में कीमतें और नीचे जा सकती हैं। वहीं, क्रूड ऑयल पर उनका नजरिया थोड़ा सकारात्मक रहा। उनके मुताबिक हालिया गिरावट के बाद कच्चे तेल में बॉटम बनने के संकेत हैं और यहां से सीमित रिकवरी संभव है। ऑप्शन सेगमेंट में भी उन्होंने खरीदारी की रणनीति सुझाई। नेचुरल गैस में उन्होंने हालिया गिरावट के बाद तकनीकी रिकवरी की संभावना जताई और निचले स्तरों पर सीमित खरीदारी की रणनीति की बात कही। बेस मेटल्स पर उन्होंने कहा कि कॉपर समेत कई धातुओं में गिरावट का रुख बना हुआ है और उछाल पर बिकवाली की रणनीति फिलहाल ज्यादा सुरक्षित है।

मिराए एसेट: मिराए एसेट शेर खान के टेक्निकल एनालिस्ट, कमोडिटी और करेंसी राकेश खन्ना के मुताबिक गोल्ड और सिल्वर का ओवरऑल ट्रेंड अभी कमजोर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम और फेड से जुड़े संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे, लेकिन फिलहाल तेजी पर बिकवाली बेहतर रणनीति दिखती है। सिल्वर मिनी कॉन्ट्रैक्ट पर उन्होंने खास तौर पर चेताया कि अगर अहम सपोर्ट स्तर टूटते हैं तो गिरावट और गहरी हो सकती है। बेस मेटल्स में उनका भी नजरिया सतर्क रहा। कॉपर में उन्होंने ‘सेल ऑन राइज’ रणनीति अपनाने की सलाह दी और कहा कि अभी ट्रेंड नीचे की ओर झुका हुआ है।

स्पॉट मार्केट में मांग मजबूत

स्पॉट बाजार के आंकड़े बताते हैं कि फिजिकल मांग अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। अहमदाबाद में सोने के भाव 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रहे, जबकि चांदी करीब 2.34 लाख रुपये प्रति किलो के पास कारोबार करती दिखी। कॉपर स्पॉट मार्केट में मजबूत रहा, जबकि जिंक और निकेल में हल्की नरमी दिखी।

कमोडिटीयूनिटलोकेशनस्पॉट प्राइस (₹)
गोल्ड10 ग्रामअहमदाबाद1,51,525
गोल्ड मिनी10 ग्रामअहमदाबाद1,51,525
गोल्ड गिनी8 ग्रामअहमदाबाद1,21,707
गोल्ड पेटल1 ग्राममुंबई15,158
गोल्ड टेन10 ग्रामअहमदाबाद1,52,134
सिल्वर1 किलोअहमदाबाद2,34,023
कॉपर1 किलोठाणे1,212.25
एल्यूमिनियम1 किलोरायपुर308.00
जिंक1 किलोठाणे322.80
निकेल1 किलोठाणे1,548.80
लेड1 किलोचेन्नई196.50
क्रूड ऑयल1 बैरलNA5,707.00
नेचुरल गैस1 mmBtuNA294.30
मेंथा ऑयल1 किलोबाराबंकी1,044.70
कॉटन1 बेलराजकोट25,900
स्टील रीबार1 MTरायपुर46,600
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Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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