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Air Traffic: वियतनाम सहित इन जगहों की जमकर यात्रा कर रहे हैं भारतीय,3 महीने में 9.7 करोड़ यात्रियों ने भरी उड़ान

Mastercard Economic Institute Report: केवल तीन महीनों में ही 9.7 करोड़ यात्रियों ने भारतीय हवाईअड्डों से यात्रा की। जबकि 10 साल पहले यह आंकड़ा छूने में एक साल लग जाता था। वियतनाम, जापान, अमेरिका की भारतीय जमकर यात्रा कर रहे हैं।

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भारत में हवाई यात्रा नए रिकॉर्ड पर

Air Traffic in India And Abroad:भारतीय अब पहले से कहीं अधिक हवाई यात्रा कर रहे हैं। चाहे घरेलू यात्रा हो या विदेश यात्रा हर जगह भारतीयों की भागीदारी बढ़ी है। हवाई यात्रा का आलम यह है कि इस साल केवल तीन महीनों में ही 9.7 करोड़ यात्रियों ने भारतीय हवाईअड्डों से यात्रा की। जबकि 10 साल पहले यह आंकड़ा छूने में एक साल लग जाता था। मास्टरकार्ड इकोनॉमिक्स इंस्टीट्यूट (MIE) की रिपोर्ट के अनुसार घरेलू हवाई यात्री यातायात 2019 के स्तर से 21 प्रतिशत अधिक बढ़ गया जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रा में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसमें भी वियतनाम, जापान, अमेरिका की भारतीय जमकर यात्रा कर रहे हैं।

भारतीयों का पसंदीदा स्थल

मास्टरकार्ड इकोनॉमिक्स इंस्टीट्यूट (एमईआई) की तरफ से जारी "यात्रा रुझान 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019 की तुलना में जापान की यात्राओं में 53 प्रतिशत, वियतनाम की यात्राओं में 248 प्रतिशत और अमेरिका की यात्राओं में 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऐसा अमेरिकी डॉलर के मजबूत रहने के बावजूद देखा गया है।इसके अलावा एम्स्टर्डम, सिंगापुर, लंदन, फ्रैंकफर्ट और मेलबर्न टॉप-5 लोकेशन हैं, जहां भारतीय यात्री इस साल गर्मियों में जा रहे हैं। रिपोर्ट में उड़ानों की बुकिंग के आंकड़ों से यह आकलन पेश किया गया है।

मिडिल क्लास ने बढ़ाई डिमांड

साल 2024 में बढ़ते मध्यम वर्ग और हवाई मार्गों की क्षमता बढ़ने से पहले से कहीं अधिक भारतीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा कर रहे हैं। साल के पहले तीन महीनों में ही 9.7 करोड़ यात्रियों ने भारतीय हवाईअड्डों से यात्रा की। महज 10 साल पहले इस आंकड़े तक पहुंचने में पूरा साल लग गया था। रिपोर्ट कहती है कि घरेलू हवाई यात्री यातायात 2019 के स्तर से 21 प्रतिशत अधिक बढ़ गया जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रा में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई।भारतीय यात्री तेजी से प्रमुख बाजारों का रुख कर रहे हैं। मास्टरकार्ड इकोनॉमिक्स इंस्टीट्यूट (एमईआई) की तरफ से जारी "यात्रा रुझान 2024: सीमाओं से परे" रिपोर्ट में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 13 बाजारों समेत कुल 74 बाजारों में यात्रा उद्योग को लेकर जानकारी पेश की है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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