US Tariffs: मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर. सी. भार्गव ने कहा कि देश को अमेरिकी 50 प्रतिशत शुल्क के खिलाफ एकजुट होकर धौंस-धमकी का सामना करना होगा। उन्होंने यह बयान कंपनी की 44वीं वार्षिक आम बैठक में दिया। भार्गव ने कहा कि भारतीय होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी गरिमा और सम्मान को बनाए रखें और किसी भी प्रकार की धमकी के आगे न झुकें। राष्ट्र को एकजुट होना होगा।
अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव
अमेरिका ने बुधवार से भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है, जिसका असर श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे झींगा, परिधान, हीरे, चमड़ा, जूते-चप्पल, रत्न और आभूषण के निर्यात तथा रोजगार पर पड़ेगा। भार्गव ने कहा कि इस टैरिफ ने वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मचा दी है।
वैश्विक अनिश्चितता और कूटनीति
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक भार्गव ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों को अपनी पारंपरिक नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि टैरिफ का व्यक्तिगत कूटनीति में उपयोग पहली बार देखा जा रहा है।
जीएसटी पुनर्गठन पर भार्गव की राय
भार्गव ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के पुनर्गठन को एक बड़ा आर्थिक सुधार बताया। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव के अनुसार छोटी कारों पर जीएसटी 18 प्रतिशत हो जाएगा, लेकिन आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
सरकार की नई जीएसटी पॉलिसी
सरकार ने उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए मंत्रिसमूह (जीओएम) के समक्ष 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय संरचना का प्रस्ताव रखा है। कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर भी प्रस्तावित है।
वर्तमान में जीएसटी 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की दरों पर लागू होता है। खाद्य और आवश्यक वस्तुओं पर शून्य या 5 प्रतिशत कर लगता है, जबकि विलासिता और अवगुण वस्तुओं पर 28 प्रतिशत कर लगाया जाता है। इसके अतिरिक्त सेस भी लागू होता है।
