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बाजार झूमा, 10.23 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की पूंजी, Sensex 1695 और Nifty 461 अंक चढ़कर बंद

शेयर बाजार में आज जोरदार तेजी रही। Sensex 1695 और Nifty 461 अंक उछलकर बंद हुआ। बाजार में आज् चौतरफा खरीदारी के चलते निवेशकों की पूंजी में 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ है।

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शेयर बाजार में जोरदार तेजी

Share Market Closing Bell Today : लगातार दबाव झेल रहे भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को जोरदार वापसी देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 1,700 अंक उछल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 23,600 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। बाजार में यह तेजी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि लगभग सभी सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली। दोपहर 3 बजे के आसपास Sensex 1,700 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 75,608.02 तक पहुंच गया। वहीं, इस दौरान Nifty 470 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 23,645.35 तक उछल गया।

मार्केट कैप में बड़ा उछाल

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। भू-राजनीतिक तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट और वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के दम पर निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इसका नतीजा यह रहा कि बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप सिर्फ एक कारोबारी दिन में 10.23 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया।

कैसा रहा सेंसेक्स-निफ्टी का कारोाबर

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 1,695.40 अंक यानी 2.30% की तेजी के साथ 75,527.95 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 75,608.02 का दिन का उच्चतम स्तर भी छुआ। सेंसेक्स ने 74,709.27 पर शुरुआत की थी और पूरे दिन खरीदारी का माहौल बना रहा। पिछले कारोबारी सत्र में यह 73,832.55 पर बंद हुआ था। एनएसई का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 भी 461.30 अंक यानी 1.99% की मजबूती के साथ 23,622.90 पर बंद हुआ। दिन के दौरान निफ्टी 23,645.35 तक पहुंचा, जबकि इसका निचला स्तर 23,313.90 रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार 23,500 के ऊपर बंद होना तकनीकी रूप से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

पांच वजहों से आई तेजी

1. US-ईरान समझौते की उम्मीद से बढ़ा भरोसा : बाजार की सबसे बड़ी राहत पश्चिम एशिया से आई। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के अनुसार तेहरान और वाशिंगटन के बीच प्रस्तावित समझौते में प्रतिबंध हटाने, होरमुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव कम करने और अमेरिकी सैन्य दबाव घटाने जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया कि ईरान के साथ समझौता अंतिम चरण में है। इससे निवेशकों की उस चिंता में कमी आई, जो पिछले कुछ दिनों से वैश्विक बाजारों पर दबाव बना रही थी।

2. कच्चे तेल में गिरावट से भारत को बड़ी राहत : ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 5% गिरकर 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में गिरावट को अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक माना जाता है। कम तेल कीमतों का फायदा एयरलाइंस, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, पेंट, टायर और सीमेंट सेक्टर को मिलता है। यही वजह रही कि इंडिगो, BPCL, HPCL और इंडियन ऑयल जैसे शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली।

3. ग्लोबल बाजारों से मिला मजबूत सपोर्ट : एशियाई बाजारों में भी शानदार तेजी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8% से ज्यादा उछला, जबकि जापान का निक्केई 225 तीन प्रतिशत से अधिक चढ़ा। चीन और हांगकांग के बाजार भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। अमेरिकी बाजारों में भी पिछली रात जोरदार तेजी रही थी। वैश्विक निवेशकों ने भू-राजनीतिक जोखिम घटने को राहत की खबर माना, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।

4. रुपया मजबूत होने से बढ़ा निवेशकों का भरोसा : कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर रुपये पर भी दिखा। भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले करीब 65 पैसे मजबूत होकर 95.20 के स्तर तक पहुंच गई। रुपये में मजबूती से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ता है और आयात आधारित कंपनियों की लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। इससे बाजार धारणा और बेहतर हुई।

5. India VIX में गिरावट, डर कम हुआ : बाजार के डर और अनिश्चितता को मापने वाला इंडिया VIX करीब 5% गिरकर 14.81 पर आ गया। आमतौर पर VIX में गिरावट का मतलब होता है कि निवेशकों की चिंता कम हो रही है और वे जोखिम लेने के लिए तैयार हैं। यही वजह रही कि बैंकिंग, फाइनेंशियल, इंफ्रा और कैपिटल गुड्स सेक्टर में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी?

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों BPCL, HPCL और इंडियन ऑयल में 2% से 4% तक की तेजी रही। एयरलाइन कंपनी इंडिगो करीब 3.5% चढ़ी। पश्चिम एशिया में मजबूत मौजूदगी रखने वाली लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के शेयर भी करीब 3% तक उछले। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में भी अच्छी खरीदारी रही। RBI की नई फॉरेक्स स्वैप सुविधा से बैंकों की लिक्विडिटी बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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