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क्रूड से बाजार में हाहाकार, निफ्टी 300 अंक नीचे, सेंसेक्स ने लगाया 900 अंक का गोता

ग्लोबल मार्केट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमत $100 के पार पहुंचने का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 900 अंक टूट गया जबकि निफ्टी 300 अंक से ज्यादा गिर गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है।

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खुलते ही धड़ाम हुआ बाजार (इमेज क्रेडिट कैन्वा)

Sensex Nifty Share Market Today: कच्चे तेल की कीमत $100 के पार पहुंचने से भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट आई। सेंसेक्स करीब 900 अंक टूटा जबकि निफ्टी 300 अंक से ज्यादा फिसल गया। मिडिल ईस्ट तनाव और महंगे तेल ने बाजार में भारी बिकवाली का दबाव बढ़ा दिया।

क्रूड की धार में फिसला बाजार

गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की। सेंसेक्स करीब 938 अंक टूटकर 75,925 के आसपास ट्रेड करता दिखा। वहीं निफ्टी 50 करीब 307 अंक गिरकर 23,565 के स्तर पर आ गया। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

चौतरफा बिकवाली का दबाव

बाजार में गिरावट का दायरा काफी व्यापक रहा। NSE के आंकड़ों के मुताबिक करीब 2,110 शेयर गिरावट में जबकि सिर्फ 364 शेयरों में तेजी देखने को मिली। कुल मिलाकर 52 हफ्ते के 178 शेयर नए लो पर पहुंच गए, जो बाजार में कमजोरी का संकेत दे रहे हैं।

तेल की कीमतें बनी बड़ी वजह

ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड फिर $100 प्रति बैरल के पार निकल गया है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और होरमुज जलडमरूमध्य में शिपिंग बाधित होने की आशंका से तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। महंगा तेल भारत जैसे आयातक देशों के लिए बड़ा जोखिम माना जाता है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते का दबाव बढ़ सकता है।

बाजार की ब्रेड्थ कमजोर

BSE के आंकड़ों के मुताबिक कुल 3,004 शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें 2,152 शेयर गिरावट में रहे जबकि सिर्फ 695 शेयरों में तेजी दिखी। साथ ही करीब 173 शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए, जो यह दिखाता है कि गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे बाजार में दबाव है।

निवेशकों की नजर अब इन संकेतों पर

विश्लेषकों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं और मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ता है, तो बाजार में वोलैटिलिटी और बढ़ सकती है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब क्रूड ऑयल की चाल, ग्लोबल मार्केट और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम पर बनी हुई है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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