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Share Market Crash: 14 लाख करोड़ डूबे, निफ्टी 602, सेंसेक्स 1836 अंक गिरकर बंद, अब आगे क्या?

Share Market Closing Bell 23 March: शेयर बाजार में मार्च के आखिरी सप्ताह की शुरुआत भारी बिकवाली के साथ हुई है। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी और सेंसेक्स जहां 2.5 फीसदी के करीब गिरकर बंद हुए हैं। वहीं, सेक्टोरल और ब्रॉड मार्केट इंडेक्स के घाव और भी ज्यादा गहरे हैं।

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शेयर बाजार में बड़ी गिरावट

Share Market Closing Toady 23 March: शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट आई है। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही 2.5 फीसदी के करीब गिरावट में बंंद हुए। निफ्टी 50 करीब 602 अंक टूटकर 22,512 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स भी 1,836 अंक गिरकर 72,696 के स्तर पर आ गया। दिनभर बाजार दबाव में रहा और इंडेक्स अपने इंट्राडे लो के आसपास बंद हुए, जो मजबूत सेलिंग ट्रेंड को दिखाता है। मार्केट ब्रेड्थ बेहद कमजोर रही, निफ्टी में 50 में से सिर्फ 3 शेयर ही बढ़त में रहे, जबकि 46 गिरावट में बंद हुए। बैंकिंग, मेटल और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव रहा, जो यह संकेत देता है कि गिरावट व्यापक और संस्थागत बिकवाली से driven थी।

इंडेक्सक्लोजिंग लेवलबदलाव (अंक)% बदलावओपनहाईलोपिछला बंद
NIFTY 5022,512.65-601.85-2.60%22,824.3522,851.7022,471.2523,114.50
SENSEX72,696.39-1,836.57-2.46%73,732.5873,732.5872,558.4474,532.96

14 लाख करोड़ साफ

शेयर बाजार में सोमवार को एक ही दिन में निवेशकों को करीब 14 लाख करोड़ का झटका लगा है। BSE पर रजिस्टर्ड करीब 5000 कंपनियों के कुल मार्केट कैप में शुक्रवार की तुलना में सोमवार को हुई गिरावट की वजह से करीब 14 लाख करोड़ की गिरावट हुई है। शुक्रवार को कुल मार्केट कैप 42876298.38 करोड़ रुपये था, जो सोमवार को घटकर 41503895.21 करोड़ रुपये रहा। इस तरह एक सत्र में 13.72 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है।

ब्रॉड मार्केट में भारी तबाही

आज का ब्रॉड मार्केट साफ संकेत देता है कि गिरावट सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप में और ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी 100 से लेकर निफ्टी 500 तक सभी इंडेक्स 2.5% से 3% तक टूटे, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। यह बताता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई और निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाई।
इंडेक्सलेवल% बदलाव
NIFTY 10023,098.25-2.81%
NIFTY 20012,594.30-3.01%
NIFTY 50020,664.25-3.11%
NIFTY MIDCAP 10052,717.55-3.90%
NIFTY SMALLCAP 10015,098.70-3.94%

सेक्टोरल मार्केट: मेटल, बैंकिंग और रियल्टी में भारी दबाव

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा गिरावट मेटल, रियल्टी और PSU बैंक इंडेक्स में देखने को मिली, जहां 4% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भी भारी दबाव रहा, जो बाजार की कमजोरी को और गहरा करता है। आईटी को छोड़कर लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली हावी रही, जो ग्लोबल और घरेलू दोनों तरह के दबाव को दर्शाता है।

सेक्टरलेवल% बदलाव
NIFTY METAL10,863.45-4.81%
NIFTY REALTY663.40-4.74%
NIFTY PSU BANK8,231.65-4.11%
NIFTY BANK51,437.75-3.72%
NIFTY AUTO23,934.75-3.16%
NIFTY FMCG45,837.05-2.49%
NIFTY IT29,147.05-0.18%

आगे कहां तक गिरेगा बाजार?

मार्केट एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि निफ्टी ने आज 22,800 के सपोर्ट को तोड़ दिया है। फिलहाल, यह 22,500 के बेहद पतले सपोर्ट पर है। अगर यहां से रिकवरी नहीं होती है, तो नीचे की तरफ एक नई फिसलन शुरू हो सकती है, तो 21900 से 20000 तक जा सकती है। मार्केट के टेक्निकल लेवल्स को लेकर मार्केट एक्सपर्ट संदीप जैन का कहना है कि फिलहाल, बाजार टेक्निकल देखकर नहीं चल रहा है। बाजार सेंटिमेंट से चल रहा है। ऐसे में फिलहाल टेक्निकल लेवल प्रैक्टिकली बाजार में काम ही नहीं कर रहे हैं।

शीर्ष पर पहुंचा विक्स

इंडिया VIX में आज तेज उछाल देखने को मिला और यह करीब 17% चढ़कर 26.7 के आसपास पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती घबराहट और अनिश्चितता का साफ संकेत है। आमतौर पर VIX में इतनी तेज बढ़त तब आती है जब निवेशक आगे और गिरावट या बड़े उतार-चढ़ाव की आशंका जताते हैं। इसका मतलब है कि बाजार में डर का माहौल बना हुआ है और शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी ऊंची रह सकती है, जिससे ट्रेडिंग जोखिम भी बढ़ जाता है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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