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IEC 2023: कठिन समय स्टार्टअप के लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं - दीप कालरा

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Jun 2, 2023, 09:53 PM IST

Times Network द्वारा आयोजित India Economic Conclave का आज समापन हो गया है। IEC 2023 के अंतिम दिन मेक माय ट्रिप के फाउंडर और चेयरमैन दीप कालरा के साथ टाटा वन एमजी के को-फाउंडर और सीईओ प्रशांत टंडन ने इस मुद्दे पर अपनी विचार व्यक्त किए।

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इन दोनों ने भारत में स्टार्टअप के भविष्य और व्यापक संभावनाओं को लेकर बात की।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव
  • दीप कालरा और प्रशांत टंडन ने रखे विचार
  • स्टार्टअप इनोवेशन इकोस्टिम पर हुई बात

India Economic Conclave 2023: टाइम्स नेटवर्क का दो दिवसीय इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव का समापन हो गया है और इस आयोजन में अपने-अपने क्षेत्र की बहुत सी हस्तियों ने कई सारे मुद्दों पर अपनी बात रखी। भारत में स्टार्टअप इनोवेशन इकोस्टिम के टॉपिक पर बात करने के लिए दो एक्सपर्ट आईईसी 2023 में शामिल हुए। मेक माय ट्रिप के फाउंडर और चेयरमैन दीप कालरा के साथ टाटा वन एमजी के को-फाउंडर और सीईओ प्रशांत टंडन ने इस मुद्दे पर अपनी विचार व्यक्त किए। इन दोनों ने भारत में स्टार्टअप के भविष्य और व्यापक संभावनाओं को लेकर बात की।

23 साल पुराना है मेक माय ट्रिप

इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में दीप कालरा ने कहा कि हमारा स्टार्टअप 23 साल पुराना है। इतने साल बाद भी खुदको स्टार्टअप के रूप में काम करना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि अगर इस तकनीक से भरी दुनिया में आप रोजाना कुछ नया नहीं सोचेंगे तो वहीं से आपका अंत शुरू हो जाएगा। शुरुआती दौर हमारे लिए भी काफी चुनौतीपूर्ण था जहां हमें वेतन में कटौती की नौबत भी देखनी पड़ी थी। लेकिन यही कठिन समय स्टार्टअप के लिए एक आशीर्वाद जैसा होता है।

एआई को लेकर क्या बोले दीप?

आईईसी 2023 में दीप कालरा ने कहा कि मेरे लिए शुरुआत में एक छोटा बिजनेस खड़ा करना बड़ टारगेट था। लेकिन बड़ा व्यापार बनाने के लिए मेरा सबसे बड़ा समर्थक और हथियार इंटरनेट बना। उस समय इंटरनेट को देखकर लगता था कि ये दुनिया बदलने वाली चीज है, अब यही फीलिंग मुझे एआई को देखकर आती है। ये दूसरी तरह से दुनिया को बदलने वाला है और पानी की तरह ये हर चीज में घुलने की क्षमता रखता है। आज की तारीख में आईडिया काम करना है और कई बार तो आपको किसी तरह की फैक्ट्री डालने की भी जरूरत नहीं होती, अच्छा आईडिया हो तो खुद फंडिंग मिल जाती है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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