बिजनेस

ITR फाइलिंग में हो गई गलती? जानें कैसे फाइल करें रिवाइज्ड रिटर्न

अगर आपसे आईटीआर (ITR) दाखिल करते समय आय, कटौती या फॉर्म चुनने में कोई गलती हो गई है, तो घबराएं नहीं। आयकर विभाग की धारा 139(5) के तहत आप 31 मार्च तक 'संशोधित रिटर्न' भरकर अपनी सभी त्रुटियों को आसानी से सुधार सकते हैं।

Image

Income Tax

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना हर करदाता के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अक्सर लोग जल्दबाजी में या नियमों की सही जानकारी न होने के कारण आईटीआर भरते समय कुछ गलतियां कर बैठते हैं। कभी कोई कमाई की जानकारी छूट जाती है, तो कभी बैंक अकाउंट नंबर गलत हो जाता है, या फिर डिडक्शन (जैसे 80C या 80D) का दावा करना भूल जाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो आपको बिल्कुल भी घबराने या परेशान होने की जरूरत नहीं है। आयकर विभाग (Income Tax Department) करदाताओं को अपनी गलतियों को सुधारने का एक पूरा और कानूनी मौका देता है। इनकम टैक्स एक्ट के नियमों के मुताबिक, आप 'संशोधित रिटर्न' यानी रिवाइज्ड रिटर्न (Revised Return) फाइल करके अपनी पुरानी गलतियों को पूरी तरह ठीक कर सकते हैं।

रिवाइज्ड रिटर्न क्या होता है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि रिवाइज्ड रिटर्न आखिर क्या है और इसे कौन फाइल कर सकता है। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(5) के तहत, अगर किसी करदाता को अपना ओरिजिनल (मूल) रिटर्न दाखिल करने के बाद उसमें किसी भी तरह की चूक, गलती या गलत बयानबाजी का पता चलता है, तो वह एक नया और संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकता है। खास बात यह है कि रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने का अधिकार उन सभी करदाताओं को मिलता है जिन्होंने समय पर अपना आईटीआर भरा था, और साथ ही उन्हें भी मिलता है जिन्होंने लेट फीस के साथ बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) भरा था। यानी, अगर आपने असेसमेंट ईयर के दौरान कोई भी रिटर्न फाइल किया है और उसमें गलती है, तो आप उसे रिवाइज कर सकते हैं।

क्या है रिवाइज्ड रिटर्न की डेडलाइन?

अब सवाल उठता है कि रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समय सीमा (Deadline) क्या है? नियम के अनुसार, आप संबंधित असेसमेंट ईयर (कर निर्धारण वर्ष) के खत्म होने से तीन महीने पहले तक या आयकर विभाग द्वारा आपके रिटर्न का असेसमेंट (मूल्यांकन) पूरा होने से पहले, जो भी दोनों में से पहले हो, अपना रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 होगी। यदि इस तारीख से पहले आयकर विभाग ने आपके रिटर्न को प्रोसेस करके धारा 143(1) का नोटिस या असेसमेंट ऑर्डर जारी कर दिया है, तो आप उसके बाद इसे रिवाइज नहीं कर पाएंगे। इसलिए, जैसे ही आपको अपनी गलती का अहसास हो, तुरंत रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर देना चाहिए।

कैसे फाइल करें

  • स्टेप 1: सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) पर जाकर अपने पैन (PAN) और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करें।
  • स्टेप 2: इसके बाद 'e-File' टैब में जाकर 'Income Tax Return' और फिर 'File Income Tax Return' के विकल्प को चुनें।
  • स्टेप 3: संबंधित असेसमेंट ईयर का चयन करें और फाइलिंग मोड को 'Online' सिलेक्ट करें।
  • स्टेप 4: यहां आपको 'Section' चुनने का विकल्प मिलेगा। इसमें आपको 'Revised Return under Section 139(5)' को चुनना होगा। (ध्यान रहे, जब आप इसे चुनते हैं, तो सिस्टम आपसे आपके ओरिजिनल रिटर्न का 'Receipt Number' यानी रसीद संख्या और 'Date of Filing' यानी ओरिजिनल रिटर्न भरने की तारीख मांगेगा, जो आपके ई-फाइलिंग इतिहास या ITR-V पावती से मिल जाएगी)।
  • स्टेप 5: इसके बाद आपके सामने आपका पुराना भरा हुआ फॉर्म खुल जाएगा। अब आपको जिस भी सेक्शन (जैसे सैलरी, कैपिटल गेन, डिडक्शन या बैंक डिटेल्स) में सुधार करना है, वहां जाकर सही जानकारी दर्ज करें।
  • स्टेप 6: सभी विवरणों को दोबारा ठीक से जांच लें और टैक्स का दोबारा कैलकुलेशन करें। यदि कोई अतिरिक्त टैक्स बनता है, तो उसका भुगतान करें। अंत में, रिटर्न को सबमिट करें और इसे ई-वेरिफाई (e-Verify) करना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि बिना वेरिफिकेशन के रिवाइज्ड रिटर्न को वैध नहीं माना जाएगा।

करदाताओं को कुछ महत्वपूर्ण बातों और सावधानियों का भी ध्यान रखना चाहिए। कई लोगों के मन में यह भ्रम होता है कि रिवाइज्ड रिटर्न सिर्फ एक बार ही फाइल किया जा सकता है, लेकिन सच यह है कि यदि समय सीमा बची हुई है, तो आप अपनी गलतियों को सुधारने के लिए कितनी भी बार (Multiple Times) रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। हर नया रिवाइज्ड रिटर्न आपके पिछले रिटर्न को पूरी तरह रिप्लेस (प्रतिस्थापित) कर देता है। हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप लापरवाही बरतें। यदि आप बार-बार रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करते हैं या अपनी आय को बहुत ज्यादा घटाकर या रिफंड को बहुत ज्यादा बढ़ाकर दिखाते हैं, तो आपका मामला आयकर विभाग की नजरों में आ सकता है और आपके रिटर्न को स्क्रूटनी (जांच) के लिए चुना जा सकता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article