1 मई 2026 की सुबह आम जनता को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस बार कीमतों में कोई मामूली फेरबदल नहीं, बल्कि सीधे 1000 रुपये का बड़ा इजाफा किया गया है। इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी के साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत पहली बार 3000 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। महीने की पहली तारीख को हुए इस बदलाव ने बाजार में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इसका सीधा असर बाहर खाने-पीने की चीजों और व्यापारिक लागत पर पड़ेगा।
ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची कीमतें
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में इतनी बड़ी वृद्धि पहले कभी नहीं देखी गई थी। 1000 रुपये की इस छलांग ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब तक जो सिलेंडर लगभग 2000 रुपये के आसपास उपलब्ध था, वह अब 3000 रुपये से भी अधिक महंगा हो गया है। यह बदलाव न केवल छोटे व्यापारियों बल्कि कैटरिंग और फूड इंडस्ट्री से जुड़े हर व्यक्ति के बजट को पूरी तरह बिगाड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव को इस बड़ी बढ़ोतरी का मुख्य कारण माना जा रहा है।
महंगा होगा बाहर का खाना
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में आई इस आग का असर अब ग्राहकों की जेब पर भी दिखने लगेगा। जब रेस्टोरेंट और होटलों के लिए खाना पकाना महंगा होगा, तो वे अपनी बढ़ी हुई लागत की भरपाई खाने की प्लेट के दाम बढ़ाकर करेंगे। यानी अब रेस्टोरेंट में खाना, बाहर की चाय-नाश्ता और मिठाइयों की कीमतों में भी उछाल देखने को मिल सकता है। आम आदमी के लिए घर के बाहर का खाना अब पहले के मुकाबले काफी ज्यादा खर्चीला होने वाला है।
मई महीने के अन्य बदलाव
गौरतलब है कि 1 मई से केवल गैस सिलेंडर के दाम ही नहीं बदले हैं, बल्कि कई अन्य वित्तीय नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। इनमें बैंकिंग सेवाएं, क्रेडिट कार्ड शुल्क और डिजिटल लेनदेन से जुड़े नियम शामिल हैं। लेकिन इन सबमें कमर्शियल सिलेंडर की 1000 रुपये की बढ़ोतरी सबसे अधिक चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि इसका प्रभाव सीधे तौर पर बाजार की अर्थव्यवस्था और आम आदमी के मासिक खर्चों पर पड़ता है।
