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Personal Loan या Loan Against FD; समझें इमरजेंसी के लिए कौन सा ऑप्शन है सबसे सस्ता

कई बार कुछ विषम परिस्थितियों में पैसों की जरूरत आ पड़ती है। ऐसे में एफडी पर लोन या पर्सनल लोन जैसे ही विकल्प सामने आते हैं। लेकिन सवाल यह कि कौन-सा विकल्प चुना जाना चाहिए?

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Loan (Photo: iStock)

जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जब किसी भी व्यक्ति को अचानक पैसों की जरूरत (Financial Emergency) पड़ जाती है। मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या किसी अन्य जरूरी खर्च के लिए लोग अक्सर लोन लेने पर विचार करते हैं। ऐसे समय में दो प्रमुख विकल्प एफडी (Fixed Deposit) पर लोन और पर्सनल लोन ही सामने आते हैं। दोनों की अपनी-अपनी खूबियां और सीमाएं हैं, लेकिन सवाल यह है कि मुश्किल समय में कौन-सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। इस आर्टिकल में आपके इसी सवाल का जवाब देने जा रहे हैं-

Loan Against FD

अगर आपके पास पहले से एफडी है तो उसके बदले लोन लेना आसान और सस्ता विकल्प माना जाता है। बैंक आमतौर पर एफडी की राशि का एक बड़ा हिस्सा लोन के रूप में उपलब्ध करवा देते हैं। क्योंंकि बैंक के पास आपकी एफडी गिरवी के रूप में होती है, इसलिए उसे जोखिम कम रहता है। यही वजह है कि एफडी पर मिलने वाले लोन की ब्याज दरें आमतौर पर पर्सनल लोन की तुलना में कम होती हैं। इसके अलावा, लोन मिलने की प्रक्रिया भी तेज होती है और कई मामलों में ज्यादा दस्तावेजों की जरूरत नहीं पड़ती।

एफडी पर लोन लेने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि आपको अपनी एफडी तोड़नी नहीं पड़ती। अगरआप समय से पहले एफडी तोड़ते हैं, तो आपको ब्याज दर में कटौती या पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, एफडी पर लोन लेने की स्थिति में आपकी जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है और जरूरत का पैसा भी उपलब्ध हो जाता है। इस तरह निवेश भी सुरक्षित रहता है और नकदी की जरूरत भी पूरी हो जाती है।

Personal Loan

दूसरी ओर, पर्सनल लोन उन लोगों के लिए विकल्प है जिनके पास एफडी जैसी कोई जमा राशि नहीं है। पर्सनल लोन असुरक्षित (Unsecured) लोन होता है, यानी इसके लिए किसी संपत्ति या निवेश को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, इसी कारण इसकी ब्याज दरें आमतौर पर अधिक होती हैं। बैंक या वित्तीय संस्थान पर्सनल लोन मंजूर करने से पहले आवेदक की आय, क्रेडिट स्कोर और पुनर्भुगतान क्षमता की जांच करते हैं।

पर्सनल लोन का फायदा यह है कि आप बड़ी राशि तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं और इसके इस्तेमाल पर कोई विशेष प्रतिबंध नहीं होता। लेकिन इसकी लागत अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकती है। अधिक ब्याज दर के कारण लंबी अवधि में कुल भुगतान भी काफी बढ़ जाता है।

दोनों विकल्प में से कौन-सा बेहतर

जिन लोगों के पास पहले से एफडी मौजूद है, उनके लिए एफडी पर लोन लेना अधिक किफायती और समझदारी भरा विकल्प माना जा सकता है। इसमें ब्याज दर कम होती है, मंजूरी जल्दी मिलती है और एफडी के लाभ भी जारी रहते हैं। वहीं, जिनके पास एफडी नहीं है या जरूरत की राशि एफडी के मूल्य से अधिक है, उनके लिए पर्सनल लोन एक काम का विकल्प हो सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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