BSE स्मॉलकैप कंपनी Paisalo Digital ने मंगलवार, 3 जून को घोषणा की कि उसकी फाइनेंस कमिटी ने ₹50 करोड़ की राशि जुटाने के लिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए हैं। ये डिबेंचर्स रेटेड, लिस्टेड, सीनियर, सिक्योर, रिडीमेबल और टैक्सेबल होंगे और इन्हें प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए अलॉट किया गया है।
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 5000 NCDs अलॉट किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक का फेस वैल्यू ₹1 लाख है। ये डिबेंचर्स 24 महीने की अवधि के लिए जारी किए गए हैं और इन पर 10 प्रतिशत वार्षिक कूपन रेट तय की गई है, जिसका भुगतान हर महीने किया जाएगा।
Paisalo Digital ने कहा, "NCDs को पहले दर्जे के pari-passu चार्ज के माध्यम से लोन रिसीवेबल्स पर सुरक्षित किया जाएगा, ताकि सिक्योरिटी का मूल्य हर समय कुल प्रिंसिपल के 1.10 गुना के बराबर बना रहे।"
Q4 FY25 में 26% का मुनाफा
Q4 FY2025 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 26% बढ़कर ₹46.29 करोड़ पहुंच गया, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹36.61 करोड़ था। हालांकि, इस दौरान कुल बिक्री ₹193.77 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹195.29 करोड़ थी।
Paisalo Digital के शेयर आज 2% गिरकर ₹31.22 पर ट्रेड कर रहे थे। पिछले एक साल में शेयर 52% तक टूट चुके हैं, हालांकि पिछले 5 सालों में यह स्टॉक 276% चढ़ चुका है। दो सालों में इसमें 13% का उछाल देखा गया है।
LIC और SBI Life की हिस्सेदारी
LIC कंपनी में 1.9% हिस्सेदारी रखता है, जबकि SBI Life Insurance की हिस्सेदारी 9.4% है। कंपनी का मार्केट कैप ₹2,820.02 करोड़ (3 जून तक) है, जो कि BSE वेबसाइट पर अपडेट किया गया है। NCDs ऐसे डेब्ट इंस्ट्रूमेंट होते हैं जिन्हें कंपनियां फंड जुटाने के लिए जारी करती हैं। इन्हें इक्विटी में बदला नहीं जा सकता और ये निश्चित ब्याज के साथ तय अवधि में रिडीम होते हैं।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
