इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (
सार्वजनिक प्रकटीकरण और पर्यावरणीय लक्ष्यों पर फोकस
इस फ्रेमवर्क के तहत कंपनियों को सस्टेनेबिलिटी उद्देश्यों का खुलासा, तीसरे पक्ष की समीक्षा (Second-Party Opinion) और बॉन्ड जारी करने के बाद प्रभाव रिपोर्टिंग अनिवार्य रूप से करनी होगी। साथ ही कंपनियों को मुख्य प्रदर्शन संकेतक (KPIs) और पर्यावरणीय लक्ष्य भी तय करने होंगे।
एलएंडटी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता
इस बॉन्ड के माध्यम से एलएंडटी ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और मीठे जल की खपत में कमी लाने का वादा किया है। कंपनी का लक्ष्य 2035 तक जल-तटस्थता और 2040 तक कार्बन-तटस्थता हासिल करना है।
कंपनी के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा, “SEBI के नए ईएसजी ढांचे के तहत स्थायी वित्त की दिशा में पहल करने पर हमें गर्व है। यह बॉन्ड जारी करना हमारी जिम्मेदार व्यावसायिक गतिविधियों और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
HSBC ने साझेदारी को बताया मील का पत्थर
HSBC इंडिया ने इस साझेदारी का स्वागत करते हुए कहा, “हम L&T के साथ इस पहले ईएसजी-संबंधित बॉन्ड सौदे में साझेदार बनकर प्रसन्न हैं। यह भारत में स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को समर्थन देने और कॉर्पोरेट्स को उनके सतत विकास लक्ष्यों तक पहुंचने में मदद करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।” करीब $30 बिलियन की वैल्यू वाली L&T कंपनी EPC प्रोजेक्ट्स, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में कार्यरत है और विश्व स्तर पर अपनी मौजूदगी रखती है।
