Kisan Vikas Patra: छोटे कस्बों और गांव में रहने वाले लोगों के बीच आज भी पोस्ट ऑफिस की ओर से चलाई जा रही सेविंग स्कीम काफी पॉपुलर है। India Post की प्रमुख बचत योजनाओं में पीपीएफ (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, एमआईएस, आरडी, एफडी, एनएससी और किसान विकास पत्र शामिल हैं। आज हम आपको Kisan Vikas Patra के बारे में बता रहे हैं कि कैसे इस स्कीम में आप निवेश कर बिना किसी रिस्क के अपने पैसे को डबल कर सकते हैं। आइए विस्तार से इस सेविंग स्कीम के बारे में जानते हैं।
1988 से शुरू हुई थी यह स्कीम
इंडिया पोस्ट द्वारा 1988 से चलाई जा रही 'किसान विकास पत्र' (KVP), निवेशकों का एकमुश्त निवेश की सुविधा उपलब्ध करता है। मौजूदा ब्याज दर के आधार पर निवेश की गई रकम 9.5 साल (115 महीने) में डबल हो जाएगा। बता दें कि मूल रूप से किसानों के लिए एक योजना के तौर पर शुरू किया गया था, लेकिन अब यह लंबी अवधि की योजना 10 साल या उससे ज्यादा उम्र के सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
किसान विकास पत्र में निवेश कैसे करें?
- सबसे पहले आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस जाएं और फॉर्म A लेकर उसे भरें।
- फॉर्म भरने के बाद, जरूरी KYC (अपने ग्राहक को जानें) डॉक्यूमेंट्स - जैसे आधार, PAN और पते का प्रमाण के साथ जमा करें।
- निवेश की रकम कैश, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या पे ऑर्डर के जरिए जमा करें।
- वेरिफिकेशन के बाद, पोस्ट ऑफिस एक KVP सर्टिफिकेट जारी करेगा, जिसमें निवेश की रकम और मैच्योरिटी की डिटेल्स दी होंगी।
- खाता खोलते समय आप किसी नॉमिनी को भी चुन सकते हैं, ताकि खाताधारक की अचानक मृत्यु होने पर पैसों का ट्रांसफर आसानी से हो सके।
- आप पोस्ट ऑफिस की ऑफिशियल वेबसाइट से भी 'फॉर्म A' भी डाउनलोड कर सकते हैं।
इस स्कीम की मुख्य बातें
- इस स्कीम में कम से कम ₹1,000 का शुरुआती निवेश करना होता है। निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है और पहचान के सबूत के तौर पर आधार कार्ड जरूरी है।
- 2014 से, ₹50,000 से ज्यादा के निवेश के लिए PAN कार्ड का सबूत देना ज़रूरी है, जबकि ₹10 लाख या उससे ज़्यादा जमा करने पर निवेशकों को अपनी आय का सबूत दिखाना होता है।
- अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए KVP पर ब्याज दर 7.50% है।
- मैच्योरिटी पर जमा की गई रकम दोगुनी हो जाती है और इस पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है।
- सेक्शन 80C के तहत कोई कटौती नहीं मिलती।
- अकाउंट को किसी दूसरे यूजर को ट्रांसफर किया जा सकता है और इसमें तीन तक जॉइंट होल्डर हो सकते हैं।
समय से पहले बंद कर सकते हैं?
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, किसी एकल खाते के खाताधारक की मृत्यु होने पर, या किसी संयुक्त खाते के किसी एक या सभी खाताधारकों की मृत्यु होने पर पैसा पहले निकाला जा सकता है। इसके अलावा खाते खोलने की तारीख से दो साल और छह महीने बाद कभी भी बंद किए जाते हैं, उन खातों के लिए ब्याज सहित पूरी राशि का भुगतान किया जाएगा। अगर किसी एकल खाते के जमाकर्ता की मृत्यु हो जाती है, या किसी संयुक्त खाते के सभी जमाकर्ताओं की मृत्यु हो जाती है, तो जमा राशि उस व्यक्ति को दी जाएगी जिसे नॉमिनी बनाया गया है (यदि कोई नॉमिनी है), अथवा जमाकर्ता के कानूनी वारिसों को दी जाएगी।
