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खाने वाले तेल का भाव 14 नवंबर 2025: सरकारी खरीद के आश्वासन के बीच तेल-तिलहन में सुधार

Edible Oil-Oilseeds Price: महाराष्ट्र सरकार द्वारा 15 नवंबर से सोयाबीन खरीद शुरू करने के आश्वासन के बीच गुरुवार को स्थानीय बाजार में सोयाबीन तेल-तिलहन कीमतें सुधरीं। अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्य तेल की मांग से मूंगफली और बिनौला तेल में तेजी आई, जबकि ऊंचे दाम से सरसों तेल-तिलहन कमजोर रहा। जाड़े में मांग घटने से सीपीओ और पामोलीन के भाव स्थिर रहे।

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तेल-तिलहन का ताजा भाव जानिए (तस्वीर-Canva)

Edible Oil-Oilseeds Price : महाराष्ट्र सरकार द्वारा 15 नवंबर से सोयाबीन खरीद शुरू करने के आश्वासन के बीच, स्थानीय बाजार में गुरुवार को सोयाबीन तेल-तिलहन की कीमतें सुधार के साथ बंद हुईं। साबुत मूंगफली और अच्छी गुणवत्ता वाले मूंगफली तेल की मजबूत मांग के कारण मूंगफली तेल-तिलहन में तेजी दर्ज की गई। वहीं, मूंगफली की तुलना में 20–22 रुपये किलो सस्ता होने की वजह से बिनौला तेल की मांग बढ़ी, जिससे इसकी कीमतों में भी सुधार देखने को मिला। इसके विपरीत, ऊंचे दामों के चलते सरसों तेल-तिलहन की खरीद कमजोर पड़ी और कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ठंड के मौसम में पाम और पामोलीन तेल के जमने की प्रवृत्ति के कारण उनकी मांग कम हो जाती है, जिसके चलते इनकी कीमतें ज्यादातर स्थिर रहीं। नीचे जनिए तेल-तिलहन के ताजा भाव...

तेल-तिलहनों का आज का भाव

तेल-तिलहनभाव प्रति क्विंटल
सरसों तिलहन7,200-7,250 रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली6,275-6,650 रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)14,800 रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली रिफाइंड तेल2,400-2,700 रुपये प्रति टिन
सरसों तेल दादरी14,825 रुपये प्रति क्विंटल
सरसों पक्की घानी2,485-2,585 रुपये प्रति टिन
सरसों कच्ची घानी2,485-2,620 रुपये प्रति टिन
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली 13,450 रुपये प्रति क्विंटल
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर13,150 रुपये प्रति क्विंटल
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला10,300 रुपये प्रति क्विंटल
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,400 रुपये प्रति क्विंटल
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)12,550 रुपये प्रति क्विंटल
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली13,250 रुपये प्रति क्विंटल
पामोलिन एक्स- कांडला12,250 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल
सोयाबीन दाना4,775-4,825 रुपये प्रति क्विंटल
सोयाबीन लूज4,475-4,575 रुपये प्रति क्विंटल
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक बाजार सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि 30 अक्टूबर तक जिन किसानों ने सोयाबीन बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है, उनकी फसल की सरकारी खरीद 15 नवंबर से शुरू होगी। कमजोर हाजिर कीमतों की वजह से किसान नीचे दाम पर बिक्री से बच रहे हैं और कम आवक ला रहे हैं, जिससे आज सोयाबीन तेल-तिलहन के भाव में सुधार दिखाई दिया।
Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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