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JIO IPO: $180 अरब तक वैल्यूएशन, 8% तक हिस्सेदारी बेच सकते हैं गूगल और मेटा जैसे विदेशी निवेशक

Reliance Jio के IPO से पहले रिलायंस अपने विदेशी निवेशकों से बात उनकी हिस्सेदारी OFS के जरिये बचेने को लेकर बात कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस आईपीओ में गूगल और मेटा सहित 13 विदेशी निवेशक 8% तक हिस्सेदारी बेच सकते हैं।

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रिलायंस जियो का आईपीओ विदेशी निवेशकों को निकासी का मौका

Reliance Jio IPO : Mukesh Ambani की अगुवाई वाली Reliance Jio Platforms अपने बहुप्रतीक्षित IPO से पहले बड़े स्तर पर हिस्सेदारी पुनर्गठन की तैयारी में है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने 13 विदेशी निवेशकों के साथ बातचीत की है, जिसमें वे अपने-अपने निवेश का करीब 8% हिस्सा बेच सकते हैं।यह IPO भारत के सबसे बड़े टेक-टेलीकॉम लिस्टिंग में से एक हो सकता है। सीमित हिस्सेदारी ऑफलोड करके कंपनी रिटेल निवेशकों के लिए भविष्य में वैल्यू क्रिएशन का स्पेस छोड़ना चाहती है, जो इसे लॉन्ग टर्म थीम बना सकता है।

Meta-Google बेच सकते हैं हिस्सेदारी

जियो प्लेटफॉर्म्स में Meta की 9.99% और Google की 7.73% हिस्सेदारी है। इसके अलावा KKR और Vista Equity Partners जैसे बड़े नाम भी निवेशक हैं। खाड़ी देशों के sovereign funds जैसे Public Investment Fund, Mubadala और Abu Dhabi Investment Authority भी इसमें शामिल हैं। अगर हर निवेशक अपनी हिस्सेदारी का 8% बेचता है, तो कुल मिलाकर करीब 2.5% हिस्सेदारी IPO में ऑफलोड हो सकती है।

OFS से आएगा IPO

यह IPO पूरी तरह से Offer For Sale (OFS) के जरिए लाया जा रहा है, यानी कंपनी खुद नया पैसा नहीं जुटाएगी बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। रिपोर्ट के अनुसार कुल बिक्री 2.5% से 3% के बीच रह सकती है, ताकि रिटेल निवेशकों के लिए आगे ग्रोथ की गुंजाइश बनी रहे।

$180 बिलियन वैल्यूएशन

इन्वेस्टमेंट बैंकों ने जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन करीब $180 बिलियन आंकी है। इस वैल्यूएशन पर अगर न्यूनतम 2.5% हिस्सेदारी भी बेची जाती है, तो कंपनी करीब $4 से $4.5 बिलियन तक जुटा सकती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि 2020 में जियो ने वैश्विक निवेशकों से $20.5 बिलियन जुटाए थे, जिसने इसकी डिजिटल ग्रोथ स्टोरी को मजबूत आधार दिया।

17 बड़े बैंक संभालेंगे IPO

IPO को मैनेज करने के लिए 17 बड़े बैंक नियुक्त किए गए हैं, जिनमें Goldman Sachs, Morgan Stanley, JPMorgan और Citigroup जैसे ग्लोबल दिग्गज शामिल हैं। घरेलू स्तर पर Kotak Mahindra Capital, Axis Capital, JM Financial और SBI Capital Markets भी इस इश्यू का हिस्सा हैं।

डिजिटल इकोसिस्टम को अनलॉक करने की रणनीति

जियो प्लेटफॉर्म्स अब सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं रही, बल्कि ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और डिजिटल ऐप्स का बड़ा इकोसिस्टम बन चुकी है। IPO को Reliance Industries की उस रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह अपने डिजिटल और टेक बिजनेस की वैल्यू को अनलॉक करना चाहती है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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