JIO IPO DRHP SOON: भारत के कॉरपोरेट और कैपिटल मार्केट इतिहास की सबसे बड़ी लिस्टिंग की दिशा में बड़ा कदम बढ़ चुका है। Jio Platforms ने IPO की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ET NOW की रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम यूनिट अगले 2–3 महीनों में बाजार नियामक SEBI के पास DRHP दाखिल कर सकती है।
कवायद तेज
रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस इस मेगा IPO को लेकर शुरुआती स्तर पर कोटक महिंद्रा कैपिटल और मॉर्गन स्टेनली के साथ काम कर रही है। हालांकि, इश्यू को मैनेज करने वाले बैंकों की औपचारिक नियुक्ति बाद के चरण में की जाएगी। इस स्तर पर स्ट्रक्चरिंग, टाइमलाइन और वैल्यूएशन फ्रेमवर्क पर फोकस किया जा रहा है।
कितना हो सकता है वैल्यूएशन?
मार्केट से जुड़े शुरुआती संकेत बताते हैं कि Jio Platforms की संभावित वैल्यूएशन करीब 160 अरब डॉलर हो सकती है। वहीं, IPO का साइज 4 से 6 अरब डॉलर के दायरे में रहने का अनुमान है। अगर यह डील तय आकार में आती है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा प्राइमरी इक्विटी इश्यू बन सकती है और घरेलू IPO मार्केट में नया बेंचमार्क सेट करेगी।
टेलीकॉम में दबदबा
Jio Platforms देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, जिसके पास 50 करोड़ से अधिक यूजर्स का विशाल बेस है। 4G और 5G नेटवर्क के साथ-साथ डिजिटल सर्विसेज, क्लाउड, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और डेटा प्लेटफॉर्म में कंपनी की मजबूत मौजूदगी है। यही स्केल और इकोसिस्टम IPO के लिए निवेशकों की दिलचस्पी का बड़ा आधार माना जा रहा है।
रिलायंस की वैल्यू होगी अनलॉक
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, Jio का पब्लिक इश्यू रिलायंस ग्रुप की वैल्यू अनलॉकिंग स्ट्रैटेजी का सबसे बड़ा कदम हो सकता है। यह लिस्टिंग न सिर्फ भारतीय टेलीकॉम और डिजिटल इकॉनमी को ग्लोबल निवेशकों के सामने नई पहचान देगी, बल्कि कैपिटल मार्केट में भारत की ग्रोथ स्टोरी को भी मजबूती से पेश करेगी।
अब नजर DRHP फाइलिंग पर
Jio IPO को भारत की डिजिटल ग्रोथ स्टोरी का पब्लिक मार्केट टेस्ट माना जा रहा है। DRHP दाखिल होते ही बिजनेस सेगमेंट, फाइनेंशियल्स और जोखिम कारकों पर तस्वीर और साफ होगी। फिलहाल, बाजार की नजरें अगले 2–3 महीनों पर टिकी हैं, जब Jio Platforms की लिस्टिंग प्रक्रिया औपचारिक रूप से SEBI के दरवाजे तक पहुंचेगी।
