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जेट एयरवेज-जेपी एसोसिएट्स कर सकती हैं वापसी ! हर तीन महीने में कर रहीं कमाल

Jet Airways And Jaiprakash Associates Loss Narrows: घाटा कम होने का असर जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयर पर नहीं दिख रहा है। बीते 1 महीने में 2.54 फीसदी, 6 महीनों में 32.34 फीसदी और 1 साल में 16.89 फीसदी फिसला है। कंपनी की मार्केट कैपिटल इस समय 1,786.95 करोड़ रु है।

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जेट एयरवेज और जयप्रकाश एसोसिएट्स का घाटा कम हुआ

KEY HIGHLIGHTS
  • जयप्रकाश एसोसिएट्स का घाटा हुआ कम
  • जेट एयरवेज का नुकसान भी घटा
  • शेयरों पर नहीं पड़ रहा असर

Jet Airways And Jaiprakash Associates Loss Narrows: अधिकतर कंपनियां अपने मार्च तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट अनाउंस कर चुकी हैं। कंपनियों के मार्च तिमाही नतीजे अनुमानों के करीब ही रहे, मगर कुछ कंपनियों ने जानकारों को चौंका दिया। इस बीच घाटे में चल रही कई कंपनियों का प्रदर्शन सुधरा है और इनमें से कई कंपनियों का घाटा पिछली चार तिमाहियों में काफी कम हुआ है। कुछ कंपनियां तो ऐसी भी हैं, जिनका घाटा पिछली चार तिमाहियों से लगातार कम हो रहा है। इनमें जेट एयरवेज (Jet Airways) और जयप्रकाश एसोसिएट्स (Jaiprakash Associates) शामिल हैं। जयप्रकाश एसोसिएट्स को जेपी ग्रुप (Jaypee Group) के नाम से भी जाना जाता है।

जयप्रकाश एसोसिएट्स का घाटा कितना हुआ कम

जयप्रकाश एसोसिएट्स, जिसका कारोबार इंजीनियरिंग-कंस्ट्रक्शन और सीमेंट जैसे सेक्टरों में फैला हुआ है, को 2022 की अप्रैल-जून की तिमाही में 439 करोड़ रु का घाटा हुआ था। वहीं 2022 की जुलाई सितंबर तिमाही में इसका घाटा घट कर 358 करोड़ रु और अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 262 करोड़ रु रह गया।

अब जनवरी-मार्च तिमाही में इसे 156 करोड़ रु का घाटा हुआ है। यानी कंपनी का घाटा बीती चार तिमाहियों में करीब 4 गुना कम हुआ है।

शेयर पर नहीं दिख रहा असर

हालांकि घाटा कम होने का असर जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयर पर नहीं दिख रहा है। बीते 1 महीने में 2.54 फीसदी, 6 महीनों में 32.34 फीसदी और 1 साल में 16.89 फीसदी फिसला है। कंपनी की मार्केट कैपिटल इस समय 1,786.95 करोड़ रु है।

घट रहा जेट एयरवेज का घाटा

जेट एयरवेज को 2022 की अप्रैल-जून की तिमाही में 390 करोड़ रु का घाटा हुआ था। वहीं 2022 की जुलाई सितंबर तिमाही में इसका घाटा घट कर 308 करोड़ रु और अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 249 करोड़ रु रह गया था। जनवरी-मार्च तिमाही में इसे 55 करोड़ रु का घाटा हुआ। यानी कंपनी का घाटा बीती चार तिमाहियों में 7 गुना कम हुआ है।

जेट एयरवेज का शेयर भी नहीं चमका

जेट एयरवेज का शेयर 1 महीने में 13.93 फीसदी, 6 महीनों में 37.73 फीसदी और 1 साल में 55.16 फीसदी गिरा है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में एनालिस्ट को आने वाली तिमाहियों में कमाई में और सुधार की उम्मीद है।

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च तिमाही के नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआईडायरेक्ट ने बीएफएसआई, ऑटो, एफएमसीजी जैसे सेक्टरों के लिए अपने अनुमानों को अपग्रेड किया, जबकि आईटी, तेल-गैस और मेटल्स के लिए अनुमानों को घटा या डीग्रेड किया है।

क्या करें निवेशक

आईसीआईसीआई डायरेक्ट के अनुसार शेयर बाजार में किसी भी गिरावट का उपयोग क्वालिटी कंपनियों के शेयरों में लॉन्ग टर्म के लिए पैसा लगाने के लिए किया जा सकता है। वे कंपनियां जिनके पास लीन बैलेंस शीट है, नेचर में कैपिटल एफिशिएंट हैं और इनमें लंबी अवधि की ग्रोथ की क्षमता हो, उन पर फोकस करें।

डिस्क्लेमर : इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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